महोबा में ‘गौ रक्षार्थ धर्म युद्ध यात्रा’ के दौरान सरकार पर साधा निशाना; कहा- गौ रक्षा में विफल जन प्रतिनिधियों को सत्ता से बाहर करेंगे संत
महोबा। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि आज गौ माता को बेच रहे हैं। शंकराचार्य ने कहा कि भारत विश्व गुरु से विश्व कसाई बनने की राह पर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गौ माता के सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। जो लोग गौ हत्यारों का समर्थन करते हैं और जो गौ-सेवक हैं, उनकी विचारधारा कभी एक नहीं हो सकती। उन्होंने सत्ताधारी जन प्रतिनिधियों को चेतावनी दी कि यदि वे गौ रक्षा में विफल रहते हैं, तो साधु संत उन्हें सत्ता से बाहर करने का संकल्प लेंगे। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे गो संरक्षण के प्रति प्रतिबद्ध दलों का ही समर्थन करें।
ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने यह बात गौ रक्षार्थ धर्म युद्ध यात्रा के महोबा आगवम दौरान कही। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि जो लोग उनका वोट लेकर सत्ता में आए हैं, वही आज गौ माता को बेच रहे हैं। शंकराचार्य ने गाय को केवल एक जानवर मानने से इंकार करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में इसके सर्वोच्च धार्मिक महत्व है और गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने पर जोर दिया। कहा कि जब राजा की दिशा बदल जाए, तो उसे सही रास्ते पर लाना हमारा कर्तव्य है, इसलिए धर्म, संस्कृति और गौ रक्षा का संकल्प लेकर वह महोबा आए। 3 मई को गोरखपुर से शुरू हुई इस यात्रा के दौरान शंकराचार्य अब तक 125 विधानसभा क्षेत्रों का भ्रमण कर चुके हैं। उन्होंने सत्ताधारी दल पर नकली हिंदू होने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि सरकार के गौ रक्षा के दावे सिर्फ कागजों पर हैं, जबकि हकीकत में गायों की दुर्दशा जारी है। शंकराचार्य ने कहा कि जो भारत कभी विश्व गुरु था, वो आज दुनिया का सबसे बड़ा मांस विक्रेता यानी विश्व कसाई बन गया है। उन्होंने सरकार की कथनी और करनी में जमीन आसमान का अंतर बताया। शंकराचार्य ने असम और बंगाल के मुख्यमंत्रियों के बयानों का हवाला देते हुए उनके हिंदुत्व को महज चुनावी भाषणबाजी करार दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका राजनीति में आने का कोई इरादा नहीं है। शंकराचार्य ने प्रसिद्ध मां बड़ी चंद्रिका देवी मंदिर और कट्ठेश्वर महादेव मंदिर में विधि विधान से दर्शन पूजन किया। इसके बाद उनका काफिला चरखारी विधानसभा क्षेत्र के प्राचीन बटुकनाथ भैरव मंदिर पहुंचा, जहां सनातन प्रेमियों और गौ भक्तों ने उनका भव्य स्वागत किया। मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच जगद्गुरु ने जनसमूह को गौ रक्षा और सनातन मूल्यों की रक्षा की शपथ दिलाई।





