अलीगढ़। विगत महा 9 अप्रैल को कलम की ताकत संगठन के तथाकथित पत्रकार गुंडों द्वारा पत्रकार वकील अहमद संपादक हितेषी की जंग, रुप किशोर राजपूत पत्रकार क्रांतिकारी खबर के उपर एसएसपी कार्यालय के बाहर 10- 15 लोगों ने हमला बोल दिया। अपने को बचाते हुए दोनों पत्रकार एसएसपी ऑफिस की तरफ जान बचाते हुए भागे । वहां मौजूद दरोगा जसवंत राणा, राजकुमार ने दोनों पत्रकार को बाहर धक्का मार कर निकाल दिया। फिर क्या था गुंडों द्वारा पत्रकारों को घेर कर जमकर पीटा जिससे दोनों पत्रकार के कपड़े तक फट गए। इस हमले में मुख्य रूप से आरिफ अली, शबनम, गुलाम नबी, रविन्द्र, कामिनी, वीरेंद्र अरोरा, अकील अहमद, पवन गांधी सहित दर्जन लोगों ने जमकर मारपीट की।
इस घटना को तथाकथित कलम की ताकत संगठन के 2 दर्जन लोगों ने एक हमला किया। जानकारी अनुसार रूप किशोर व वकील अहमद ने बताया कि 28 दिन बाद एसएसपी के आदेश पर थाना सिविल लाइंस में मुकदमा दर्ज किया गया। यह सारी घटना एसएसपी कार्यालय के सामने हुई परंतु किसी भी सुरक्षा कर्मी ने गुंडों से पत्रकारों को बचाने का प्रयास नहीं किया। अब इस घटना में दोनों पत्रकार ने हाई कोर्ट की शरण ली। हाई कोर्ट ने प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश शासन और एसएसपी अलीगढ़ को नोटिस जारी किए हैं। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि एसएसपी कार्यालय के बाहर तथाकथित पत्रकारों का झुंड रहता है आखिर एसएसपी इनकी जांच कर कब कार्यवाही करेंगे ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हो।





