नाभि की साफ-सफाई न रखने से इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है, जिसके लक्षणों में दर्द, खुजली और बदबूदार डिस्चार्ज शामिल हैं। इस समस्या से बचने के लिए उचित स्वच्छता, पियरसिंग की सही देखभाल और नाभि को सूखा रखना महत्वपूर्ण है।
जन्म के कुछेक महीनों को छोड़ दिया जाए तो हम बेली बटन या नाभि की केयर करना लगभग छोड़ ही देते हैं। इस जगह पर स्किन के फोल्ड्स बनते हैं, जहां गंदगी या नमी आसानी से ट्रैप हो जाती है और इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। भले ही यह समस्या गंभीर ना हो, लेकिन नजरअंदाज करने पर तकलीफ बढ़ सकती है। इस आर्टिकल में हम नाभि के इन्फेक्शन के टाइप, कारण और केयर के बारे में जानेंगे।
ये होते हैं लक्षण
- दर्द महसूस होना
- खुजली
- बदबूदार डिसचार्ज
- बुखार
इन वजहों से हो सकता है इन्फेक्शन
- साफ-सफाई न रखना: नहाते समय अगर नाभि की अच्छी तरह सफाई ना की जाए तो पसीना और डेड स्किन सेल्स खतरा बढ़ा सकते हैं।
- बॉडी पियरसिंग: अगर आपने हाल ही में अपनी नाभि में पियरसिंग करवाई है तो सही केयर ना करने पर इन्फेक्शन का खतरा बढ़ सकता है।
- मोटापा: जिन लोगों के पेट के आस-पास ज्यादा चर्बी होती है उनमें स्किन के फोल्ड्स भी ज्यादा बनते हैं। इससे इन्फेक्शन की आशंका बढ़ जाती है।
- ज्यादा पसीना आना: एक्सरसाइज करने या गर्म मौसम की वजह से नाभि में बैक्टीरियल और यीस्ट ग्रोथ तेज हो सकता है।
- सर्जरी: अगर नाभि के आस-पास किसी प्रकार की सर्जरी हुई है और आपने घाव की केयर नहीं की तो इन्फेक्शन हो सकता है।
दो तरह के होते हैं - बैक्टीरियल इन्फेक्शन: नाभि में इन्फेक्शन होने के लिए स्टैफिलोकोकस ऑरियस (स्टैफ संक्रमण) और स्ट्रेप्टोकोकस प्रजाति के बैक्टीरिया जिम्मेदार होते हैं।
- फंगल इन्फेक्शन: यीस्ट की वजह से नाभि में इन्फेक्शन का खतरा बढ़ता है, खासकर गर्म और नमी वाले मौसम में।
ऐसे बचें इन्फेक्शन के खतरे
- साफ रखें
नहाते समय नाभि वाले हिस्से को इग्नोर ना करें और अच्छी तरह सफाई करें।
- पियरसिंग का इन्फेक्शन
अगर आप नाभि वाले हिस्से में पियरसिंग का प्लान कर रहे हैं तो किसी प्रोफेशनल से ही इसे कराएं। उनके इंस्ट्रूमेंट स्टरलाइज होने चाहिए। पियरसिंग के बाद की केयर को नजरअंदाज ना करें।
- ड्राई रखें
नाभि वाले हिस्से को जितना हो सके ड्राई रखें की कोशिश करें, खासकर एक्सरसाइज करने या फिर ज्यादा पसीना आने की स्थिति में।
- कपड़े हों ऐसे
ब्रीदेबल फैब्रिक वाले कपड़े पहनें, इससे नाभि वाले हिस्से में भी एअर सर्कुलेशन अच्छा बना रहेगा।





