हजपुरा, अंबेडकरनगर जलालपुर तहसील क्षेत्र के कटघर कमाल गांव में रविवार को मरहूम सैयद शाहिद हैदर रिजवी के इसाले सवाब के मौके पर मजलिसे चेहलुम का आयोजन किया गया, जिसमें शिक्षा, इंसानियत और कर्बला के संदेश पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम की शुरुआत तिलावते कलाम पाक से हुई।
मुजफ्फरनगर से तशरीफ लाए मौलाना सैयद अतहर अब्बास जैदी ने मजलिस को खिताब करते हुए कहा कि कर्बला का संदेश पूरी इंसानियत के लिए रहनुमाई करता है। उन्होंने कहा कि हजरत इमाम हुसैन अ.स. ने सच्चाई, इंसाफ और मानवता की हिफाजत के लिए अपनी और अपने अहलेबैत की महान कुर्बानी पेश की।
मौलाना जैदी ने नई पीढ़ी की तालीम पर खास जोर देते हुए कहा कि बच्चों को आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ दीनी तालीम से जोड़ना आज वक्त की सबसे बड़ी जरूरत है। इससे नौजवान अपने मजहब, तहजीब और इंसानियत के मूल्यों को बेहतर तरीके से समझ सकेंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही समाज को जागरूक, मजबूत और बुराइयों के खिलाफ खड़ा होने की ताकत देती है।
उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के साथ नैतिक और मानवीय मूल्यों की भी सीख दें, ताकि समाज में अमन, भाईचारा और इंसानियत कायम रह सके। मजलिस के अंत में कर्बला के शहीदों का जिक्र किया गया, जिसे सुनकर मोमनीन भावुक हो उठे। मजलिस से पूर्व मोलवी मीर तालिब अब्बास ने शोजख्वानी पेश की।
इस अवसर पर मौलाना सैयद नूरुल हसन, मौलाना सैयद बाकी जाफरी, मौलाना सैयद नदीम हैदर, डॉ. तहजीब हैदर, मौलाना कम्बर अब्बास, फिरोज हैदर, नेहाल अब्बास समेत बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे।





