शरीर की अकड़न दूर करने के लिए रोजाना ये स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज जरूर करें।
हमारी लाइफस्टाइल इतनी बदल चुकी है कि अब हम घंटों सिर्फ स्क्रीन को निहारते हुए बिताते हैं। इसके कारण शरीर की मांसपेशियां कमजोर पड़ने लगती हैं, जोड़ों में जकड़न बढ़ जाती है और एनर्जी लेवल पहले जैसा नहीं रहता।
हालांकि, अगर आप भी इन परेशानियों से बचकर खुद को एक्टिव और फिट रखना चाहते हैं, तो रोज हल्की स्ट्रेचिंग करने की आदत डालें। स्ट्रेचिंग न केवल आपके फ्लेक्सिबिलिटी को बढ़ाती है, बल्कि स्ट्रेंथ, बैलेंस और ब्लड सर्कुलेशन को भी सुधारती है। आइए जानते हैं कुछ ऐसे ही स्ट्रेच के बारे में, जो आपको फिट बनाए रखेंगी।
रोजाना कौन-सी स्ट्रेचिंग करें?
नेक स्ट्रेच- गर्दन की मसल्स को रिलैक्स करने के लिए धीरे-धीरे सिर को दाईं-बाईं ओर झुकाएं। फिर आगे और पीछे की ओर भी झुकाएं। हर दिशा में 10-10 सेकंड रुकें। इससे गर्दन की जकड़न दूर होती है और सिरदर्द या स्ट्रेस में राहत मिलती है।
शोल्डर रोल्स- कंधों की मूवमेंट बनाए रखने के लिए दोनों कंधों को गोल घुमाएं। पहले आगे की ओर और फिर पीछे की ओर 10 बार करें। यह एक्सरसाइज ऊपरी शरीर को लचीला बनाता है और लंबे समय तक बैठने से होने वाले दर्द को कम करता है।
कैट-काऊ स्ट्रेच- चारों हाथ-पैरों के बल आएं, सांस लेते हुए पीठ को ऊपर उठाएं (कैट पोज) और सांस छोड़ते हुए नीचे झुकाएं (काऊ पोज)। यह स्ट्रेच रीढ़ की लचीलापन बढ़ाता है और पोस्चर सुधारने में मदद करता है।
सीटेड फॉरवर्ड बेंड- कुर्सी पर सीधे बैठकर पैरों को आगे फैलाएं और धीरे-धीरे झुककर उंगलियों की ओर हाथ बढ़ाएं। यह हेमस्ट्रिंग्स और पीठ को स्ट्रेच करता है, जिससे झुकने या चलने में आसानी होती है।
साइड बेंड स्ट्रेच- खड़े होकर एक हाथ को सिर के ऊपर उठाएं और दूसरी ओर झुकें। यह दोनों साइड के लिए करें। इससे कमर की जकड़न दूर होती है और शरीर की फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ती है।
एंकल सर्कल्स- बैठकर एक पैर को उठाएं और टखने को गोल-गोल घुमाएं। ये एक्सरसाइज ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है और पैरों में सूजन या दर्द को कम करता है।
हैंड स्ट्रेच- दोनों हथेलियों को सामने फैलाएं और उंगलियों को धीरे-धीरे खोलें-बंद करें। इससे हाथों की मसल्स में स्ट्रेंथ आती है और आर्थराइटिस जैसी समस्याओं से राहत मिलती है।
डीप ब्रीदिंग स्ट्रेच- खड़े होकर दोनों हाथ ऊपर उठाएं, गहरी सांस लें और धीरे-धीरे नीचे छोड़ें। यह न केवल फेफड़ों की क्षमता बढ़ाता है बल्कि मन को शांत और फोकस भी बढ़ाता है।





