Monday, May 18, 2026
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साहब मैं जिंदा हूं…” बुजुर्ग की पुकार से गूंज उठा संपूर्ण समाधान दिवस

लेखपाल पर जीवित किसान को मृत दिखाकर जमीन हड़पने का आरोप, आत्मदाह के प्रयास से मचा हड़कंप

खागा/फतेहपुर। तहसील सभागार में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस उस समय चर्चा का केंद्र बन गया, जब एक 70 वर्षीय बुजुर्ग फरियादी ने अधिकारियों के सामने हाथ जोड़कर कहा — “साहब, मैं जिंदा हूं।” बुजुर्ग की यह दर्दभरी आवाज सुनते ही सभागार में मौजूद अधिकारी, कर्मचारी और फरियादी स्तब्ध रह गए।

मामला तहसील क्षेत्र के वालीपुर एकडला गांव का है, जहां निवासी 70 वर्षीय वृद्ध किसान ने जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स के समक्ष न्याय की गुहार लगाते हुए आरोप लगाया कि क्षेत्रीय लेखपाल और तहसील कर्मचारियों की मिलीभगत से उसे सरकारी अभिलेखों में मृत घोषित कर दिया गया। इतना ही नहीं, पट्टे में मिली उसकी लगभग एक बीघा दो बिस्वा जमीन दूसरे व्यक्ति के नाम वरासत भी कर दी गई। बुजुर्ग किसान ने भावुक होकर बताया कि वह लगातार अधिकारियों के चक्कर काट रहा है और अपने जीवित होने के प्रमाण भी प्रस्तुत कर चुका है, लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं हो रही। वृद्ध ने कहा कि सरकारी कागजों में मृत घोषित किए जाने के कारण उसे अपनी ही जमीन से बेदखल होने का खतरा उत्पन्न हो गया है।

फरियादी की बात सुनकर जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स भी हैरान रह गईं। उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के निर्देश दिए और दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि पीड़ित को हर हाल में न्याय दिलाया जाएगा और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। वहीं दूसरी ओर संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान एक और घटना ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। सुजराही गांव निवासी छेद्दू ने वर्षों से न्याय न मिलने से क्षुब्ध होकर तहसील परिसर में ही केरोसिन डालकर आत्मदाह का प्रयास कर दिया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और कर्मचारियों ने तत्परता दिखाते हुए किसी तरह उसे रोक लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद तहसील परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

बताया जा रहा है कि छेद्दू लंबे समय से अपनी समस्या को लेकर अधिकारियों के चक्कर काट रहा था, लेकिन समाधान न होने से वह मानसिक रूप से परेशान था। आत्मदाह के प्रयास की घटना ने तहसील प्रशासन की कार्यप्रणाली और शिकायतों के निस्तारण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गौरतलब है कि संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 233 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 23 मामलों का मौके पर निस्तारण किया गया। जबकि शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को कार्रवाई हेतु भेजा गया। इस दौरान जिलाधिकारी सहित पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए।

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