Thursday, May 14, 2026
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गोंडा मे चुनावी रंजिश बनी खूनी संघर्ष, पत्रकार को मारी गोली, अस्पताल में चल रहा इलाज।

कानून व्यवस्था व मीडिया सुरक्षा पर उठे बड़े सवाल

गोण्डा। जनपद के उमरी बेगमगंज थाना क्षेत्र के मुकुंदपुर गांव में बुधवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई जब कथित चुनावी रंजिश के चलते पत्रकार विपिन सिंह और उनके भाई अमित सिंह पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी गई। गोली लगने से दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना ने जिले की कानून व्यवस्था के साथ-साथ पत्रकारों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मिली जानकारी के अनुसार पत्रकार विपिन सिंह गांव में आगामी प्रधानी चुनाव की तैयारी कर रहे थे। इसी को लेकर गांव के वर्तमान प्रधान अशोक सिंह से लंबे समय से विवाद और राजनीतिक तनाव चल रहा था। बताया जा रहा है कि मंगलवार देर रात गांव में आयोजित एक शादी समारोह के दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई थी, जिसके बाद मामला और अधिक तनावपूर्ण हो गया।

आरोप है कि बुधवार सुबह जब विपिन सिंह अपने घर पर पूजा कर रहे थे, तभी प्रधान अशोक सिंह अपने समर्थकों के साथ वहां पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए फायरिंग शुरू कर दी। इस हमले में विपिन सिंह के जांघ में गोली लगी, जबकि उनके भाई अमित सिंह के अंगूठे में गोली लगने की सूचना है। गोली चलने की आवाज से गांव में अफरा-तफरी मच गई और लोग दहशत में आ गए। घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेलसर पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को मेडिकल कॉलेज गोण्डा रेफर कर दिया गया। अस्पताल में दोनों का इलाज जारी है।

घटना की सूचना मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी राधेश्याम राय, क्षेत्राधिकारी तरबगंज डॉ. उमेश्वर प्रभात सिंह, उमरी बेगमगंज थाना पुलिस और एसओजी टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल से चली हुई गोलियों के खोखे बरामद किए हैं। साथ ही प्रधान अशोक सिंह की वह गाड़ी भी कब्जे में ली गई है, जिससे उनके मौके पर पहुंचने की बात कही जा रही है। वहीं इस विवाद के दौरान प्रधान अशोक सिंह के भी घायल होने की बात सामने आई है। उनका इलाज भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेलसर में कराया गया। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ थाने में तहरीर देकर गंभीर आरोप लगाए हैं।

इस घटना के बाद स्थानीय पत्रकारों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। लोगों का कहना है कि यदि एक पत्रकार अपने ही गांव में सुरक्षित नहीं है तो आम नागरिकों की सुरक्षा का अंदाजा सहज लगाया जा सकता है। ग्रामीणों ने आरोपियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग की है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है, लेकिन दिनदहाड़े हुई इस फायरिंग की घटना ने जिले की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है।

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