जयपुरिया संस्थान की लंबे समय से हिस्सा रहीं डॉ. सुषमा विश्नानी को AI-लर्निंग और प्लेसमेंट को और मजबूती प्रदान करने के लिए नए डायरेक्टर के पद पर नियुक्त किया गया है।
Jaipuria Institute of Management, लखनऊ, ने Dr. Sushma Vishnani को अपना नया डायरेक्टर नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति संस्थान में एक ऐसे बदलाव को दर्शाती है जो अनुभव और भविष्य की नई सोच, दोनों को साथ लेकर चलता है। लंबे समय से संस्थान का हिस्सा रहने के कारण, डॉ. सुषमा विश्नानी को यहां की संस्कृति और छात्रों को मैनेजमेंट प्रोफेशनल के रूप में तैयार करने की अच्छी समझ है।
डॉ. सुषमा विश्नानी ने 2005 में जयपुरिया के साथ जुड़कर अपने सफर की शुरुआत की थी। उन्होंने टीचर से लेकर संस्थान की लीडर के रूप में दो दशकों तक काम किया है। टीचिंग, रिसर्च और मैनेजमेंट में उनका योगदान काबिल-ए-तारीफ है। उन्होंने फाइनेंस और अकाउंटिंग प्रोफेसर, फाइनेंस विभाग की हेड और हाल ही में डीन (एकेडमिक्स) के रूप में काम किया है। संस्थान में करिकुलम डिजाइन करने, मान्यता दिलाने और पढ़ाने के नए तरीकों को बढ़ावा देने में उनकी भूमिका प्रमुख रही है। उनकी लीडरशिप में संस्थान को NAAC A+ ग्रेड मिला, जो संस्थान की बेहतर क्वालिटी और शिक्षा के बेहतर स्तर को दर्शाता है।
डॉ. विश्नानी की शिक्षा के सफर की बात करे तो, उन्होंने B.Com (Hons) और M.Com किया है, लेकिन उन्हें असली पहचान तब मिली जब उन्होंने वित्त जगत की सबसे कठिन मानी जाने वाली CA (Chartered Accountancy) की चुनौती को फतह किया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मानकों में महारत हासिल करने के लिए IFRS में डिप्लोमा किया। बता दें कि वह एक Ph.D. डिग्री होल्डर हैं। पूरी तरह से टीचिंग में आने से पहले, उनके पास इंडस्ट्री का लंबा अनुभव रहा है। उन्होंने सरकारी बैंकों के ऑडिट, कंपनियों के इंटरनल और टैक्स ऑडिट, इंश्योरेंस सर्वे और फाइनेंशियल कंसल्टेंसी जैसे क्षेत्रों में काम किया है। उनके इसी प्रैक्टिकल एक्सपोजर और एकेडमिक डेप्थ का लाभ छात्र मैनेजमेंट की पढ़ाई में उठा रहे हैं, जहां क्लासेस केवल लेक्चर नहीं, बल्कि एक कॉर्पोरेट वर्कशॉप बन जाती है।
एडमिनिस्ट्रेटिव कार्यों के साथ-साथ, डॉ. विश्नानी ने रिसर्च के क्षेत्र में भी काफी काम किया है। उनका मुख्य फोकस फाइनेंशियल रिपोर्टिंग की क्वालिटी, कॉर्पोरेट गवर्नेंस, एसेट प्राइसिंग और अर्निंग्स मैनेजमेंट जैसे विषयों पर रहा है। ये वो विषय हैं जो आज के बदलते वित्तीय समय में सबसे महत्वपूर्ण माने जाते हैं। उनके रिसर्च ने देश के बाहर भी चर्चा बटोरी है। उनका काम ग्लोबल बिजनेस रिव्यू, एशिया-पैसिफिक फाइनेंशियल मार्केट्स और विकल्प (IIM अहमदाबाद) जैसी नामी पत्रिकाओं में छपा है। उन्होंने अपने रिसर्च को IIT और IIM से लेकर कार्डिफ बिजनेस स्कूल और हार्वर्ड जैसे दुनिया के बड़े मंचों तक पहुंचाया है। उनके काम के लिए उन्हें ICAI इंटरनेशनल रिसर्च ब्रॉन्ज अवार्ड और जयपुरिया में सबसे ज्यादा रिसर्च करने के लिए ‘बेस्ट फैकल्टी अवार्ड’ जैसे सम्मान भी मिले हैं।
उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, लखनऊ, भारत के टॉप बिजनेस स्कूलों में अपनी जगह और मजबूत कर रहा है। AACSB मान्यता प्राप्त और NIRF मैनेजमेंट रैंकिंग 2025 में 67वां स्थान हासिल करने वाला यह बी-स्कूल, दुनिया के टॉप संस्थानों में शामिल है। इसके 16,000 से भी ज्यादा एलुमनाई आज अलग-अलह इंडस्ट्री में बड़े पदों पर काम कर रहे हैं।
हाल के वर्षों में, जयपुरिया ने खुद को एक AI-फ्रेंडली बिजनेस स्कूल के रूप में तैयार किया है। उन्होंने अपने करिकुलम, क्लासरूम डिलीवरी और इंस्टीट्यूशनल डिसीजन मेकिंग में AI को शामिल किया है। यह चीज मैनेजमेंट एजुकेशन में आए एक बड़े बदलाव को दिखाता है, जहां अब सिर्फ किताबी ज्ञान ही काफी नहीं है, बल्कि बदलते दौर में काम करने की स्किल पैदा करना ज्यादा जरूरी है। डॉ. विश्नानी की चर्चाएं भी इसी दिशा में है, जहां वह उच्च शिक्षा में Generative AI की बात करती हैं। भविष्य के लिए तैयार रहने की उनकी सोच संस्थान की प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है।
जयपुरिया ने साल-दर-साल बेहतरीन रिजल्ट दिए हैं। 2024–26 के प्लेसमेंट सीजन में अब तक 275 से ज्यादा कंपनियों ने हिस्सा लिया है। छात्रों को कंसल्टिंग, बैंकिंग, टेक्नोलॉजी, FMCG और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में नौकरियां मिली हैं। हाईएस्ट पैकेज ₹24.11 लाख सालाना रहा, जबकि टॉप 50% छात्रों का औसत पैकेज ₹11.08 लाख रहा। इस बार 32% से ज्यादा नए रिक्रूटर्स आए और 100% छात्रों को समर इंटर्नशिप मिली। प्रमुख कंपनियों में डेलॉयट, ICICI बैंक, ब्लैकरॉक और आदित्य बिड़ला कैपिटल शामिल थीं।
छात्रों की सफलता में संस्थान का इकोसिस्टम साफ दिखाई देता है। ब्लैकरॉक कंपनी में चुने गए आयुष मिश्रा बताते हैं, “जयपुरिया ने मुझे न केवल किताबी ज्ञान दिया, बल्कि मुझे अपनी काबिलियत दिखाने के लिए एक बेहतरीन मंच भी प्रदान किया है। यहां मिली सही सलाह और इंडस्ट्री के अनुभवों ने ही मुझे यह शानदार नौकरी पाने में मदद की।”
अपनी नई भूमिका के बारे में बात करते हुए, डॉ. विश्नानी ने कहा कि जयपुरिया लखनऊ हमेशा से क्वालिटी एजुकेशन और स्ट्रॉन्ग वैल्यू के लिए जाना गया है। उन्होंने अपने विजन को साझा करते हुए कहा कि उनका मुख्य ध्यान संस्थान की मजबूत नींव को और सुदृढ़ करने पर है, ताकि वे उसे सफलता की नई ऊंचाइयों तक ले जा सकें। उनकी मुख्य प्राथमिकताओं में रिसर्च को बढ़ावा देना, अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ मिलकर काम करना और इंडस्ट्री की जरूरतों के हिसाब से नए विषय शुरू करना शामिल होगा।
जयपुरिया के लखनऊ, नोएडा, जयपुर और इंदौर कैंपस में 29 जून से PGDM/MBA (2026-28) का नया बैच शुरू हो रहा है। उससे पहले लीडरशिप में यह बदलाव स्थिरता और मजबूती, दोनों का संकेत है। यह दिखाता है कि यह संस्थान न केवल अपनी बुनियादी शिक्षा पद्धति से जुड़ा है, बल्कि भविष्य की मैनेजमेंट शिक्षा के लिए भी पूरी तरह तैयार है, जहां क्लियर सोच, तकनीक और रियल-वर्ल्ड एक्सपोजर ही सफलता की पहचान है।
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