शिक्षामित्र सम्मान समारोह एवं बढ़े हुए मानदेय वितरण कार्यक्रम का हुआ आयोजन
इटावा। सदर विधायक श्रीमती सरिता भदौरिया की अध्यक्षता में शिक्षामित्र सम्मान समारोह एवं बढ़े हुए मानदेय वितरण कार्यक्रम का आयोजन विकास भवन स्थित प्रेरणा सभागार में किया गया।कार्यक्रम के दौरान बाबा गम्भीरनाथ प्रेक्षागृह से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा आयोजित शिक्षामित्र सम्मान समारोह का लाइव प्रसारण देखा एवं सुना गया।कार्यक्रम का शुभारम्भ मां सरस्वती जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया।इस अवसर पर कस्तूरबा गांधी विद्यालय की बालिकाओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए।विधायक सदर श्रीमती सरिता भदौरिया ने अपने संबोधन में कहा कि व्यक्ति को हमेशा संतुष्ट एवं सकारात्मक रहकर कार्य करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी का स्पष्ट संदेश है कि देशहित सर्वोपरि होना चाहिए और हमारी कोई भी मांग देश की कीमत पर नहीं होनी चाहिए।उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति का मन शांत होता है तो वह अधिक समर्पण के साथ कार्य कर पाता है।उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री जी का संकल्प है कि वर्ष 2047 तक भारत विश्व का नेतृत्व करे और इस लक्ष्य को प्राप्त करने में शिक्षक एवं शिक्षामित्रों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।उन्होंने स्कूल चलो अभियान में शिक्षामित्रों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि नए विद्यालयों के निर्माण के साथ-साथ उन्हें प्रभावी रूप से संचालित करने की जिम्मेदारी शिक्षकों और शिक्षामित्रों पर ही है।
उन्होंने कहा कि जीवन में बहुत कुछ आता-जाता रहता है,लेकिन हमारी प्राथमिकता देश और राष्ट्रहित होना चाहिए।बच्चों में शिक्षा के साथ-साथ संस्कार देने का दायित्व भी शिक्षकों और शिक्षामित्रों का है।उन्होंने बताया कि वर्ष 1999 में शिक्षामित्र योजना लागू की गई थी।वर्तमान में प्रदेश में लगभग 1,43,000 शिक्षामित्र कार्यरत हैं।पूर्व में शिक्षामित्रों को ₹3,500 प्रति माह मानदेय दिया जाता था,जिसे वर्ष 2017 में बढ़ाकर ₹10,000 किया गया तथा 1 अप्रैल 2026 से इसे बढ़ाकर ₹18,000 प्रति माह कर दिया गया है।साथ ही राज्य सरकार द्वारा शिक्षामित्रों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान करने का निर्णय भी लिया जा चुका है।
जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षामित्र बुनियादी शिक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं और देश के भविष्य निर्माण में उनकी अहम भूमिका है।उन्होंने कहा कि जनपद के 1,286 शिक्षामित्रों के खातों में मानदेय की धनराशि प्रेषित की जा चुकी है।उन्होंने शिक्षामित्रों से आह्वान किया कि वे जमीनी स्तर पर कार्य करते हुए बच्चों को सरल एवं प्रभावी तरीके से शिक्षा प्रदान करें तथा विशेष रूप से बालिका शिक्षा पर ध्यान देते हुए ड्रॉपआउट को रोकने का प्रयास करें।
कार्यक्रम के अंत में विधायक सदर द्वारा 5 महिला एवं 5 पुरुष शिक्षामित्रों को प्रतीकात्मक चेक वितरित किए गए। साथ ही उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन भी किया।उक्त कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य सचिन यादव अन्य जनप्रतिनिधिगण,मुख्य विकास अधिकारी अजय कुमार गौतम, डी0आई0ओ0एस0अतुल कुमार सिंह, वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक अरुण राज खरे,बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ.राजेश कुमार सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित रहे।





