खरीद न होने से किसानों में बढ़ता जा रहा आक्रोश
भरुआ सुमेरपुर। क्षेत्रीय सहकारी समिति सुमेरपुर एवं इंगोहटा में अव्यवस्थाओं के चलते गेहूं खरीद रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है। पहले ई-पास मशीन चालू न होने से किसानों का गेहूं नहीं तौला जा रहा था। वहीं अब मजदूरों के न होने से खरीद ठप पड़ी हुई है। जिससे किसानों का गेहूं खुले आसमान के नीचे पड़ा हुआ है।सरकार ने किसानों के गेहूं खरीद के लिए सरकारी दर 2625 रुपए निर्धारित करके विभिन्न विभागों के खरीद केंद्र खोलकर 30 मार्च से शुरू कराई थी। लेकिन करीब एक महीना बीत जाने के बाद भी गेहूं खरीद रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है। कस्बे के गल्ला मंडी में संचालित विपणन विभाग के दो एवं क्रय विक्रय केंद्र में खरीद चल रही है। लेकिन थाने के पीछे संचालित क्षेत्रीय सहकारी समिति सुमेरपुर एवं इंगोहटा क्षेत्रीय सहकारी समिति में अव्यवस्थाओं के चलते खरीद ठप पड़ी हुई है।
इस समिति ने अभी तक 175 किसानों को टोकन बांट चुकी हैं। लेकिन सिर्फ 10 किसानों से 750 क्विंटल गेहूं खरीद की गई है। इसी तरह इंगोहटा क्षेत्रीय सहकारी समिति के 50 किसानों को टोकन दिया जा चुका है। लेकिन खरीद सिर्फ तीन किसानों से 250 क्विंटल हुई है। करीब एक माह बीत जाने के बाद टोकन मिलने वाले किसान अपने नंबर का इंतजार कर रहे हैं। किसान रामबिहारी कुशवाहा, सचिन, ज्ञान देवी, लालमन, दीपक साहू आदि ने बताया कि करीब 20 दिन से उनका गेहूं केंद्र पर पड़ा हुआ है। लेकिन तौल नहीं कराई जा रही है।कभी ई पाश मशीन तो कभी मजदूर तो कभी वारदाना न होने की बात कहकर उन्हें टरकाया जा रहा है।
वहीं टोकन मिलने वाले किसानों का कहना है कि वह गेहूं खरीद के लिए नंबर आने इंतजार कर रहे हैं। जिससे उन्हें खेतों से फसल कटवाने के बाद घर पर रखना पड़ रहा है। जिससे भाड़ा मजदूरी का खर्च बढ़ गया है। वहीं समिति के सचिव समीर सचान ने बताया कि पुरानी बोरियों में खरीद किया जाना है। बोरियां उपलब्ध है लेकिन इन बोरियों को पलट कर खरीद केंद्र की मोहर आदि लगाई जानी है। जिससे मजदूर यह सब करने को तैयार नहीं है।हैंडलिंग ठेकेदार अपने मजदूर भेज नहीं रहा है।जिससे समस्या गंभीर हो गई है। इस वजह से खरीद ठप है।





