Saturday, May 2, 2026
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जयन्त चौधरी की नई सोशल इंजीनियरिंग: यूपी-उत्तराखंड चुनावों में रालोद का जातीय समीकरण, दो मई को हरिद्वार में जनसभा

रालोद नेता जयन्त चौधरी विभिन्न जातियों को साधकर भाजपा से गठबंधन में अधिक सीटों की दावेदारी मजबूत कर रहे हैं, जिसमें मेरठ और हरिद्वार में कार्यक्रम शामिल हैं।

लखनऊ। वर्ष 2027 में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव को देखते हुए राष्ट्रीय लोकदल ने नई सोशल इंजीनियरिंग का शिल्प गढ़ना शुरू कर दिया है। मेरठ के त्यागी बाहुल्य गांव ईकड़ी में एकता सभा करने के बाद जयन्त चौधरी दो मई को हरिद्वार में रैली करके दोनों राज्यों में सीटों पर अपनी दावेदारी बढ़ाएंगे।

14 राज्यों में संगठन बनाने के बाद जयन्त की नजर दोनों राज्यों पर विशेष रूप से टिकी है, जिसके जरिये रालोद ने प्रभावी जातियों पर पकड़ बढ़ाते हुए सहयोगी दल भाजपा से चुनाव में पहले से ज्यादा सीटें मांगने की कसरत तेज कर दी है।

वर्ष 2024 में भारतीय जनता पार्टी से गठबंधन करने के साथ ही रालोद ने सभी जातियों पर अपना प्रभाव बढ़ाने पर फोकस किया।बिजनौर में गुर्जर चेहरा चंदन चौहान को चुनाव में उतारा।

सोशल इंजीनियरिंग से दोनों राज्यों में लक्ष्य साधने में जुटे जयन्त

नए जातीय समीकरणों को गढ़ते हुए जयन्त ने मेरठ का जिलाध्यक्ष युवा ब्राह्मण चेहरा अनिकेत भारद्वाज को बनाया, जबकि बुलंदशहर में यह जिम्मा कश्यप समाज के कार्यकर्ता को दिया। पिछले दिनों जयन्त ने नोएडा में स्वतंत्रता सेनानी गुर्जर समाज के विजय सिंह पथिक को समर्पित कार्यक्रम में भाग लिया। 25 अप्रैल को मेरठ के ईकड़ी में जयन्त की जनसभा में मुस्लिमों की संख्या बढ़ाने पर फोकस किया गया। यह सहयोगी दल भाजपा से अलग रैली थी।

गैर जाटों पर रालोद का फोकस, जातीय समीकरणों का सजा रहे नया शिल्प

मंच पर पूर्व सांसद केसी त्यागी और महासचिव त्रिलोक त्यागी के जरिये त्यागी समाज को साधने की कोशिश की गई। दो मई को हरिद्वार के बाद जयन्त बागपत में अभयवीर यादव की ओर से आयोजित कार्यक्रम में पहुंचेंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस बहाने रालोद अपने जातीय गणित को विस्तार देकर चुनावी भागीदारी को बढ़ाना चाहता है।

रालोद के प्रदेश प्रवक्ता सुनील रोहटा का कहना है कि चौधरी चरण सिंह व चौ. अजित सिंह सर्वसमाज के नेता थे, जिनकी विरासत को जयन्त आगे बढ़ा रहे हैं।

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