शोहरतगढ़ सिद्धार्थनगर। सख्त कार्रवाई और ट्रकों की जब्ती के बावजूद भारत-नेपाल सीमा के खुनुवा बॉर्डर पर ओवरलोडिंग का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में एआरटीओ द्वारा दो ट्रकों को सीज किए जाने के बाद भी हालात में खास सुधार नहीं दिख रहा। बॉर्डर से रोजाना गुजर रही भारी-भरकम ट्रेड गाड़ियां क्षमता से कहीं ज्यादा माल ढोकर निकल रही हैं, जिससे सड़कें समय से पहले ही दम तोड़ने लगी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि शोहरतगढ़ से खुनुवा तक जाने वाली सड़क पहले से ही संकरी और कमजोर है। इस पर लगातार ओवरलोड ट्रकों का दबाव पड़ने से जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं और सड़क टूटने की रफ्तार तेज हो गई है। इससे न सिर्फ आम यात्रियों को परेशानी हो रही है, बल्कि हादसों का खतरा भी बढ़ गया है।
सूत्रों के मुताबिक, बॉर्डर के रास्ते नेपाल जाने वाली कुछ गाड़ियां नियमों को ताक पर रखकर तय मानक से कई टन ज्यादा सामान लेकर चल रही हैं। कार्रवाई के नाम पर बीच-बीच में अभियान तो चलाया जाता है, लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं निकल पाया है।परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ओवरलोडिंग के खिलाफ अभियान जारी है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब कार्रवाई हो चुकी है, तो फिर वही गाड़ियां खुलेआम कैसे दौड़ रही हैं? सवाल यही है क्या खुनुवा बॉर्डर पर ओवरलोडिंग पर लग पाएगा ब्रेक, या यूं ही टूटती रहेंगी सड़कें और बढ़ता रहेगा खतरा।





