DA Hike News: केंद्रीय कर्मचारी महंगाई भत्ते (DA) में देरी से नाराज हैं और देशभर में सांकेतिक विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। ऑल इंडिया एनपीएस एम्पलाइज फेडरेशन के अध्यक्ष डॉ. मंजीत सिंह पटेल ने कहा कि 15 साल में ऐसा पहली बार हुआ है कि जनवरी से प्रभावी DA की घोषणा 15 अप्रैल तक नहीं हुई।
DA Hike News: महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी में हो रही देरी से केंद्रीय कर्मचारी नाराज हैं। आज देशभर में अलग-अलग केंद्रीय कर्मचारी संगठन सांकेतिक विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। ऑल इंडिया एनपीएस एम्पलाइज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर मंजीत सिंह पटेल ने सोशल मीडिया पर विरोध प्रदर्शन को लेकर पोस्ट लिखा।
उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि आज, केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और श्रमिकों का परिसंघ (Confederation) इस मुद्दे पर भारत सरकार से तत्काल निर्णय लेने की अपील करते हुए पूरे देश में सांकेतिक विरोध प्रदर्शन कर रहा है। उन्होंने पीएम मोदी से अपील की है कि जल्द से जल्द महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की घोषणा की जाए।
’15 वर्षों में ऐसा कभी नहीं हुआ…’
ऑल इंडिया एनपीएस एम्पलाइज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर मंजीत सिंह पटेल ने एक्स पर लिखा- पिछले 15 वर्षों में ऐसा कभी नहीं हुआ कि जनवरी से प्रभावी होने वाली महंगाई भत्ते (DA Hike) में वृद्धि की घोषणा 15 अप्रैल तक न की गई हो। आज, केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और श्रमिकों का परिसंघ इस मुद्दे पर भारत सरकार से तत्काल निर्णय लेने की अपील करते हुए पूरे देश में सांकेतिक विरोध प्रदर्शन (symbolic protests across the country) कर रहा है। संभव है कि कल अन्य संगठन भी ऐसा ही करें। इसलिए, AINPSEF एक बार फिर माननीय प्रधानमंत्री से अपील करता है महंगाई भत्ते की घोषणा जल्द से जल्द की जाए।”
‘कन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉईज एंड वर्कर्स’ और ‘ऑल इंडिया NPS एम्प्लॉईज फेडरेशन’ समेत कई केंद्रीय कर्मचारी संगठनों वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप करने और 1 जनवरी, 2026 से प्रभावी बकाया राशि को जारी करने की मांग की है।
क्यों हो रही है महंगाई भत्ते की घोषणा में देरी?
महंगाई भत्ते (DA Hike News in Hindi) में हो रही देरी का संबंध किसी बड़ी नीतिगत बदलाव के बजाय समय से ज्यादा है। DA में बढ़ोतरी की गणना महंगाई के आंकड़ों पर आधारित एक तय फॉर्मूले का इस्तेमाल करके की जाती है, और इस प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह देरी ज्यादातर प्रक्रियागत है। इस प्रक्रिया में डेटा की समीक्षा, आंतरिक मंजूरी और कैबिनेट की मंजूरी शामिल होती है। इस साल, 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) की ओर बदलाव भी इस समय को प्रभावित कर सकता है।





