कोई भी विद्यालय पुस्तकों के पैकेज के लिए बाध्य नही करे और प्रतिवर्ष कोर्स को बदला न जाये : डीएम
महोबा। जिलाधिकारी गजल भारद्वाज की अध्यक्षता में गुरूवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक में डीएम ने समस्त स्ववित्तपोषित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों, प्रबन्धकों को निर्देश दिए कोई भी विद्यालय पुस्तकों के पैकेज के लिए बाध्य नही करेगा और प्रतिवर्ष कोर्स को बदला न जाये साथ ही सभी विद्यालयों में एनसीईआरटी की पुस्तकें ही चलायी जाये इसके अलावा सहायक पुस्तकें भी चलायी जा सकती है।
बैठक में डीएम ने कहा कि विद्यालय अपने यहां से पुस्तकों का वितरण नही करेगा और कोई भी स्ववित्तपोषित विद्यालय जिला शुल्क नियामक समिति के अनुमोदन के बिना शुल्क में वृद्धि नहीं करेगा और न ही किसी विशेष दुकान से किताबें, जूता, मोजा व यूनीफॉर्म आदि क्रय करने के लिए बच्चों के अभिभावकों को बाध्य करेगा। कहा कि यदि उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम, 2018 की नियमावली में उल्लिखित प्राविधानों के विपरीत कोई शिकायत प्राप्त होती है तो कड़ी कार्रवाई अमल में लायी जायेगी।
बैठक दौरान डीएम ने स्ववित्तपोषित विद्यालयों की समस्याओं को सुना और उनके नियमानुसार निराकरण करने का आश्वासन दिया गया। बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व कुंवर पंकज, जिला शुल्क नियामक समिति सदस्य देव कुमार यादव, वरिष्ठ कोषाधिकारी वीके जौहरी, अधिशाषी अभियन्ता लोक निर्माण विभाग सन्तोष कुमार के अलावा समिति के सदस्य सचिव जिला विद्यालय निरीक्षक व विद्यालयों के प्रधानाचार्यों, प्रबन्धक मौजूद रहे।





