आजमगढ़ (अवधनामा ब्यूरो)। शहर के मारवाड़ी धर्मशाला में रविवार को भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। श्री श्याम परिवार के तत्वावधान में हनुमान जयंती के रूप में मारवाड़ी समाज द्वारा आयोजित सुंदरकांड पाठ एवं भव्य भजन संध्या ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक रंग में सराबोर कर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ बड़ी ही दिव्यता के साथ हुआ। पंडाल में बालाजी महाराज, रानी सत्ती दादी और खाटू नरेश श्री श्याम बाबा की नयनाभिराम झांकी सजाई गई थी। भक्तों ने पूरे विधि-विधान से ज्योत प्रज्ज्वलित की और भगवान को 56 भोग अर्पित किया।
जैसे ही ‘जय श्री राम’ और ‘जय बालाजी’ के जयघोष गूंजे, पूरा परिसर ऊर्जा से भर उठा। जहां वाराणसी से पधारे सुप्रसिद्ध पाठ वाचक संजय हजारी की स्वर लहरियों ने भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके नेतृत्व में बड़ी संख्या में उपस्थित महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से संगीतमय सुंदरकांड का पाठ किया। सुंदरकांड की चौपाइयों और मारुति नंदन की शक्ति के वर्णन ने श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। “तेरी भक्ति का क्या कहना, तेरी शक्ति का क्या कहना,कलयुग में सिद्ध हो देव तुम्हीं, हनुमान तुम्हारा क्या कहना।”
शाम ढलते ही भजनों का दौर शुरू हुआ, जहां एक के बाद एक मनमोहक प्रस्तुतियों पर भक्त झूमने को मजबूर हो गए। भक्ति रस के इस रसास्वादन ने हर किसी को अध्यात्म के गहरे आनंद में डुबो दिया। भजन संध्या के उपरांत महाआरती का आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। आरती के बाद भक्तों के बीच प्रसाद वितरण किया गया। कार्यक्रम का समापन भंडारे के साथ हुआ, जहां हजारों श्रद्धालुओं ने बड़े ही प्रेम और श्रद्धा के साथ महाप्रसाद ग्रहण किया।
इस कार्यक्रम के माध्यम से मारवाड़ी समाज ने न केवल धर्म, एकता और भाईचारे की मिसाल पेश कि बल्कि नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने का प्रयास भी किया। इस दौरान अनीता जालान, विनीता तुलस्यान, ऊषा खंडेलिया, मोनी खंडेलिया, संध्या खंडेलिया, सविता तुलस्यान, मधु खंडेलिया, शकुंतला बैरसिया, ऊषा रूंगटा, रिंकी अग्रवाल, जगदंबा रूंगटा, भोला जालान, शोभित खंडेलिया, बलराम तुलस्यान, अजीत रूंगटा, देव प्रकाश बैरसिया, अतुल रूंगटा, जयदीप सर्राफ, सौरभ डालमिया, बंटी रूंगटा, दीपक खंडेलिया आदि उपस्थित रहे।





