Tuesday, March 24, 2026
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शासकीय भूमि व कार्यालय परिसरों पर अवैध कब्जे के खिलाफ सख्ती, जिम्मेदार अधिकारियों को चेतावनी

अलीगढ़। जनहित, कानून व्यवस्था एवं नागरिक सुविधाओं को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए तहसील स्तर पर आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में प्रशासन ने दो महत्वपूर्ण मुद्दों शासकीय संपत्तियों की सुरक्षा और आमजन के आवागमन की सुगमता पर सख्त रुख अपनाया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए संजीव रंजन ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि एवं कार्यालय परिसरों पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी विभागाध्यक्ष अपने-अपने कार्यालय परिसरों एवं शासकीय भूमि की नियमित निगरानी करें। यदि कहीं अतिक्रमण अथवा अवैध कब्जा पाया जाता है तो तत्काल प्रभाव से विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि शासकीय संपत्तियों की सुरक्षा संबंधित अधिकारियों की प्रत्यक्ष जिम्मेदारी है और लापरवाही पाए जाने पर जवाबदेही तय की जाएगी। कानून-व्यवस्था के दृष्टिकोण से भी इस विषय को अत्यंत गंभीर बताते हुए नीरज कुमार जादौन ने कहा कि सार्वजनिक परिसरों पर अतिक्रमण से न केवल प्रशासनिक कार्य प्रभावित होते हैं, बल्कि आमजन को भी असुविधा का सामना करना पड़ता है। ऐसे मामलों में सख्त प्रवर्तन कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

इसके साथ ही प्रशासन ने आवागमन से जुड़े जनसुविधा के मुद्दों पर भी संवेदनशीलता दिखाई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी गांव, कस्बे अथवा शहर में आवागमन के प्रमुख मार्गों पर जलभराव की स्थिति नहीं रहनी चाहिए। जलभराव से लोगों की दैनिक गतिविधियां प्रभावित होती हैं और दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ जाती है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जल निकासी के लिए स्थायी एवं प्रभावी प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं।

जहां नालियों की सफाई आवश्यक हो, वहां विशेष अभियान चलाया जाए और जिन स्थानों पर संरचनात्मक सुधार की आवश्यकता है, वहां त्वरित कार्यवाही कराई जाए। प्रशासन ने यह भी कहा कि बरसात के मौसम अथवा अन्य कारणों से उत्पन्न जलभराव की समस्या को गंभीरता से लेते हुए समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने दोहराया कि शासन की मंशा के अनुरूप आमजन को सुगम आवागमन, सुरक्षित वातावरण एवं व्यवस्थित नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।

संपूर्ण समाधान दिवस में 34 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 8 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर राहत प्रदान की गई। शेष 26 शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया। प्राप्त शिकायतों में सर्वाधिक मामले राजस्व विभाग से जुड़े रहे। इसके अतिरिक्त किसान सम्मान निधि, भूमि पैमाइश, अवैध कब्जा, अतिक्रमण, शादी अनुदान एवं राशन वितरण जैसी जनहितकारी योजनाओं से संबंधित प्रकरण भी सामने आए। विभागवार प्राप्त शिकायतों में राजस्व विभाग की 15, पुलिस विभाग की 8, विकास विभाग की 9 और विद्युत विभाग की 2 शिकायतें शामिल रहीं।

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