महराजगंज। प्राचीन पाण्डुलिपियों, ताड़पत्रों, दुर्लभ अभिलेखों एवं ग्रंथों के संरक्षण के उद्देश्य से “ज्ञान भारतम् मिशन” के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिलाधिकारी श्री संतोष कुमार शर्मा की अध्यक्षता में गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलास्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि ज्ञान भारतम् मिशन भारत सरकार की एक महत्त्वाकांक्षी पहल है, जिसका उद्देश्य देश की समृद्ध ज्ञान परंपरा और बौद्धिक विरासत का संरक्षण, डिजिटलीकरण और अभिलेखीकरण करना है, ताकि यह धरोहर शोधार्थियों, विद्यार्थियों और आमजन के लिए सुलभ हो सके। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश प्राचीन ज्ञान, दर्शन, साहित्य और संस्कृति की महत्वपूर्ण भूमि रहा है, इसलिए इस अभियान में प्रदेश की विशेष भूमिका है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी संबंधित विभाग अभियान चलाकर मठ, मंदिर, शैक्षणिक संस्थानों, निजी संगठनों और पुस्तकालयों सहित ऐसे व्यक्तियों एवं संस्थाओं से संपर्क करें, जिनके पास 75 वर्ष से अधिक पुरानी पाण्डुलिपियां और दुर्लभ ग्रंथ सुरक्षित हैं, तथा उनकी सूची तैयार करें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सर्वेक्षण का उद्देश्य केवल पाण्डुलिपियों का सूचीकरण, डिजिटलीकरण और संरक्षण है। संबंधित पाण्डुलिपियों का स्वामित्व मूल व्यक्ति या संस्था के पास ही सुरक्षित रहेगा। जिला स्तर पर तैयार सूची को उत्तर प्रदेश राजकीय अभिलेखागार को भेजा जाएगा, जिसके माध्यम से आगे सूचीकरण, कैटालॉगिंग, संरक्षण और डिजिटलीकरण की कार्रवाई की जाएगी। यह सर्वेक्षण कार्य तीन माह के भीतर पूर्ण किया जाएगा। इस कार्य में ज्ञान भारतम् ऐप के माध्यम से भी सहभागिता की जा सकती है।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी श्री महेंद्र कुमार सिंह, डीडीओ श्री बी.एन. कन्नौजिया, जिला विद्यालय निरीक्षक श्री प्रदीप कुमार शर्मा, जिला सूचना अधिकारी श्री प्रभाकर मणि त्रिपाठी, डीपीआरओ सुश्री श्रेया मिश्रा, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद महराजगंज श्री आलोक कुमार, प्राचार्य जवाहरलाल नेहरू पीजी कॉलेज श्री अजय कुमार मिश्रा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।





