मोहनगंज थाना क्षेत्र के खरगपुर गांव में एक महिला की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है। मायके पक्ष की शिकायत के बाद प्रशासन ने 10 दिन बाद कब्र से शव निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इस दौरान तहसीलदार और पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा।
यह पूरा मामला मोहनगंज थाना क्षेत्र के पूरे हिरई मजरे खरगपुर गांव का है। यहां के निवासी इम्तियाज अहमद की बहन रुकसाना का विवाह करीब 15 वर्ष पहले शुक्लापुर गांव निवासी अल्ला वासिद के बेटे अकील से हुआ था। दंपति की एक 10 वर्षीय पुत्री सारा भी है।
परिजनों के अनुसार, रुकसाना कई वर्षों से बीमार चल रही थी और उसका इलाज भी जारी था। बताया जा रहा है कि 7 और 8 मार्च की रात रुकसाना की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। आरोप है कि ससुराल पक्ष ने मायके वालों को सूचना दिए बिना आनन-फानन में शव को घर के सामने स्थित बाग में दफना दिया।
घटना की जानकारी मिलने पर मृतका के भाई इम्तियाज अहमद ने हत्या की आशंका जताते हुए जिलाधिकारी से शव का पोस्टमार्टम कराने की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी के आदेश पर सोमवार दोपहर नायब तहसीलदार अमीषा यादव और कोतवाल राकेश सिंह की मौजूदगी में भारी पुलिस बल के साथ कब्र खुदवाई गई।
कब्र से महिला का शव बाहर निकाला गया। इस दौरान मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुटी रही और पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी कराई गई। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा।





