समाजवादी विचारधारा के स्तंभ थे चौरसिया, पिछड़ों-दलितों की बुलंद आवाज के रूप में किया गया याद
फतेहपुर। समाजवादी पार्टी कार्यालय में प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर समाजवादी विचारक एवं पूर्व राज्यसभा सांसद शिवदयाल चौरसिया की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनके विचारों पर आधारित एक गोष्ठी का आयोजन किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष सुरेंद्र प्रताप सिंह ने की, जबकि संचालन जिला सचिव हीरालाल साहू ने किया। गोष्ठी को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष सुरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि शिवदयाल चौरसिया बरई/तमोली समाज से आते थे और उन्होंने समाज को शिक्षित और जागरूक बनाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि चौरसिया केवल एक जाति विशेष के नेता नहीं थे, बल्कि सम्पूर्ण पिछड़ों, दलितों और शोषित वर्ग की सशक्त आवाज थे।
उन्होंने कहा कि शिवदयाल चौरसिया समाजवादी विचारधारा के ऐसे स्तंभ थे, जिनकी सोच और संघर्ष ने आगे चलकर मंडल आयोग और देश की राजनीति में सोशल इंजीनियरिंग की मजबूत नींव रखी। उनका डॉ. भीमराव अंबेडकर के साथ वैचारिक सामंजस्य भी रहा और पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जिलाध्यक्ष ने बताया कि काका कालेकर आयोग में भी शिवदयाल चौरसिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही और वह आयोग के वरिष्ठ सदस्य रहे। पिछड़ों और दलितों के उत्थान के उद्देश्य से उन्होंने “बैकवर्ड क्लासेस फेडरेशन” की स्थापना भी की थी।
कार्यक्रम के अंत में सभी कार्यकर्ताओं ने उनके बताए मार्ग पर चलकर सामाजिक न्याय और समाजवादी विचारधारा को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में पूर्व जिलाध्यक्ष वीरेंद्र यादव, विपिन यादव, प्रवक्ता एडवोकेट जगदीश सिंह, डॉ. राम नरेश पटेल, रत्नेश रत्ना, एडवोकेट संदीप माली, सुमित साहू, शिव शंकर यादव, नंदकिशोर पाल, ज्ञान सिंह, कामता प्रसाद, कुलदीप सठियांनी और राजेश बाल्मीकि सहित कई पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।





