Wednesday, February 25, 2026
spot_img
HomeUttar PradeshAzamgarhखगोल विज्ञान प्रयोगशाला के लोकार्पण हो जाने से बच्चों को नवाचार के...

खगोल विज्ञान प्रयोगशाला के लोकार्पण हो जाने से बच्चों को नवाचार के क्षेत्र में बहुत कुछ सीखने को मिलेगा : अनिल राजभर

खगोल विज्ञान प्रयोगशाला का कैबिनेट मंत्री ने किया लोकार्पण

आजमगढ़। ज़िलाधिकारी द्वारा विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति रुझान बढ़ाने के लिए पीएम जवाहर नवोदय विद्यालय, आजमगढ़ में 45 लाख की लागत से एक खगोल विज्ञान प्रयोगशाला का निर्माण कराया गया, जिसका लोकार्पण कल सायं कैबिनेट मंत्री, उ0प्र0 सरकार, अनिल राजभर के कर कमलों से संपन्न हुआ। इस अवसर पर मंत्री जी ने खगोल विज्ञान प्रयोगशाला का भ्रमण किया गया। भ्रमण के दौरान उन्होने छात्र-छात्राओं से उनके द्वारा बनाये गये प्रोजेक्ट्स का अवलोकन कर जानकारी लिया। मंत्री जी ने कहा कि खगोल विज्ञान प्रयोगशाला के लोकार्पण हो जाने से बच्चों को नवाचार के क्षेत्र में बहुत कुछ सीखने को मिलेगा और बच्चे आगे भी बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार सभी को बहुत सुविधा उपलब्ध करा रही है।

उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राएं इस खगोल विज्ञान प्रयोगशाला से नए-नए प्रयोगों को सीख कर आगे बढ़े एवं अपने परिवार के साथ-साथ प्रदेश एवं देश का नाम रोशन करें। छात्र-छात्राओं के लिए खगोल विज्ञान प्रयोगशाला बनाये जाने पर मंत्री ने जिलाधिकारी की प्रशंसा की। मंत्री जी ने कहा कि क्रिटिकल गैप से खगोल विज्ञान प्रयोगशाला बनाए जाने का कार्य सही मायने में सार्थक है। उन्होने कहा कि मा0 प्रधानमंत्री जी का लक्ष्य है कि 2047 तक भारत को विकसित बनाया जाए, यह तभी संभव है, जब भारत के भविष्य को सक्षम बनाकर उनके उज्जवल भविष्य की सामना करते हुए उनको आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने बताया कि पूरे प्रदेश में 18 अटल आवासीय विद्यालय हैं, प्रत्येक विद्यालय से दो-दो बच्चों को इसरो भेजा गया है, जिससे दूसरे बच्चे भी प्रेरणा ले रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार का कार्य करने का उद्देश्य छात्रों को सक्षम बनाना है। उन्होंने कहा कि जब आप अपने जीवन में सफल होंगे, तब आपके परिजनों का गौरव बढ़ेगा। जिलाधिकारी श्री रविन्द्र कुमार ने कहा कि विज्ञान केवल एक किताब का विषय नहीं है, बल्कि यह जिज्ञासा और प्रश्न पूछने वाले मन के साथ दुनिया को देखने का एक तरीका है। यह प्रयोगशाला केवल उपकरणों से भरा एक कमरा नहीं है, यह आपके लिए प्रयोग करने, असफल होने और अंततः कुछ नया खोजने का स्थान है। उन्होंने छात्रों से प्रयोगशाला को प्रयोग और नवाचार के स्थान के रूप में उपयोग करने हेतु प्रोत्साहित किया। जिलाधिकारी ने कहा कि पूरे भारत में लगभग 650 से ज्यादा नवोदय विद्यालय हैं, यह ऐसा स्कूल है, जिसके प्रत्येक सेक्टर से कोई न कोई विद्यार्थी सफल होकर ऊंचे पदों पर कार्य कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यह आप पर निर्भर करता है कि इस सुविधा का आप कैसे उपयोग करेंगे, जिससे कि आप आगे बढ़ सके। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रत्येक स्कूलों को आवश्यकता अनुसार सुविधा उपलब्ध कराई हैं, अपनी पर्याप्त सुविधा पर फोकस करते हुए आगे बढ़े, तभी आप सक्सेस हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि सभी बच्चे पूरे मनोयोग से पढ़ाई करें। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ0 अनिल कुमार ने कहा कि कई परीक्षाओं में इन स्कूलों के बच्चे चयनित होते थे, तो निश्चित रूप से यहां पर पढ़ाई का जो वातावरण, जो परिवेश, जो टीचर यहां पर मेहनत करते हैं और वो बच्चों में मेहनत का नतीजा होता है।

अब समय है कि इन इंस्टिट्यूशंस के बच्चे पढ़ाई में अच्छा करें, लेकिन जरूरी नहीं कि हर बच्चा पढ़ाई में अच्छा करें, बच्चे खेलों में, कला के क्षेत्र में, बिजनेस में, पॉलिटिक्स में, सब चीजों में अच्छा परफॉर्म करें। इसके साथ ही मंत्री ने मनरेगा योजना वर्ष 2025-26 के अन्तर्गत नवोदय विद्यालय में नाली निर्माण कार्य एवं पूर्वी मध्य भाग बाउण्ड्री वाल के निर्माण कार्य का लोकार्पण किया गया। इससे पूर्व नवोदय विद्यालय की छात्राओं द्वारा स्वागत गीत एवं गणेश वन्दना की प्रस्तुति की गयी।इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी श्री परीक्षित खटाना, अधिशासी अभियन्ता आरईडी, प्रधानाचार्य नवोदय विद्यालय जीयनपुर श्री शशिकान्त राय सहित, अन्य जन प्रतिनिधिगण एवं संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img

Most Popular