Wednesday, February 25, 2026
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श्रीराम कथा में राम-लखन के जनकपुर दर्शन का प्रसंग

गाजीपुर।भांवरकोल ब्लॉक अंतर्गत क्षेत्र के शेरपुर महावीर धाम मंदिर परिसर में चल रहे नौ दिवसीय महामृत्युंजय यज्ञ के छठवे दिन मंगलवार को आयोजित श्रीराम कथा में कथावाचक श्री वृंदावन महाराज ने राम-लखन के जनकपुर दर्शन और फुलवारी प्रसंग का मनोहारी वर्णन किया। ऋषि विश्वामित्र की आज्ञा से फूल लेने पुष्प वाटिका गए राम-लखन और माता सीता के प्रथम मिलन को प्रेम व संस्कृति का प्रतीक बताया। कथा सुनकर श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए।

अहिल्या उद्धार के पश्चात श्रीराम और लक्ष्मण अपने गुरु के साथ जनकपुर पहुंचते हैं। महाराज जनक बड़े ही आदर सत्कार से सम्मान करते हैं। श्रीराम गुरुवर विश्वामित्र से अनुरोध करते हैं कि हे गुरुवार लक्ष्मण जनकपुर का नगर दर्शन करना चाहते हैं, अगर आपकी अनुमति हो तो मैं लखन लाल को नगर दर्शन करा लाऊ। गुरु की आज्ञा पाकर राम और लक्ष्मण नगर बाजार में जाते हैं।

उनके अछ्वुत सौंदर्य को देखकर नगर निवासी चकित रह जाते हैं। नगर दर्शन के पश्चात राम और लक्ष्मण अपने गुरु के पास लौट आते हैं। इस दौरान भगवान श्रीराम के स्वरूप के द्वारा धनुष भंग की लीला की रिश्तेदारों में पंडाल मे बैठे लोग झूम उठे। और राजा दशरथ, गुरु वशिष्ठ और बरातियों के साथ अयोध्या से हर्षोल्लास के साथ मिथिला (जनकपुर) प्रस्थान करते हैं।

मंगल गीतों, वाद्य यंत्रों और पुष्प वर्षा के बीच बारात का भव्य प्रस्थान होता है। रास्ते में बारात विभिन्न पड़ावों से गुजरती है और अंत में राजा जनक द्वारा मिथिला में भव्य स्वागत किया जाता है। इस अवसर पर जगदगुरू शंकराचार्य स्वामी अनन्तानंद सरस्वती जी महाराज ने कहा कि मानव कल्याण के लिए महामृत्युंजय यज्ञ का आयोजन जरूरी है। यज्ञ से मानव जीवन में लाभ मिलता है। यज्ञ हर तबके को आपस में जोड़ने का काम करता है।

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