गोण्डा। गौरा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत बढ़ौलीपुर स्थित जामिया अहलेसुन्नत क़ादरिया गुलशने रज़ा, लोथरपुर (भरपुरवा) में सालाना इम्तिहान के नतीजों का ऐलान बड़े ही शानदार और पुरअसर माहौल में किया गया। इस मौके पर विभिन्न दर्जों में अव्वल, दोम और सोम पोज़िशन हासिल करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को इनामात देकर उनकी हौसला-अफ़ज़ाई की गई। मदरसे में सालाना इम्तिहान का आयोजन पूरी शफ़्फ़ाफ़ियत और अनुशासन के साथ सम्पन्न हुआ। जुमेरात को आयोजित इस कार्यक्रम में इलाक़े के गणमान्य लोग, असातिज़ा, सरपरस्त और बड़ी तादाद में वालिदैन मौजूद रहे। इस अवसर पर बाहर से तशरीफ़ लाए हज़रत अल-हाज क़ारी शरफ़ुद्दीन ख़ान हशमती (संवाददाता, राष्ट्रीय सहारा उर्दू) ने इल्म-ए-दीन की अहमियत पर रोशनी डालते हुए कहा कि शिक्षा इंसान को सही और ग़लत की पहचान कराती है। उन्होंने वालिदैन को पैग़ाम दिया— “आधी रोटी खाएं, मगर बच्चों को ज़रूर पढ़ाएं।”
उन्होंने कहा कि दीनी तालीम के साथ-साथ दुनियावी तालीम भी बेहद ज़रूरी है, ताकि बच्चे आगे चलकर डॉक्टर, इंजीनियर, एडवोकेट बनकर समाज और मुल्क की खिदमत कर सकें।नक़ीबे अहले सुन्नत मौलाना ग़ुलाम गौस साक़ी तनवीरी ने अपने ख़िताब में मदरसों के निज़ाम को मज़बूत करने पर ज़ोर देते हुए कहा कि नई नस्लों के दिलों में नूर-ए-इल्म की शमा रोशन करना वक्त की सबसे बड़ी ज़रूरत है। उन्होंने मदरसों के वक़ार को समझने और ईमानदारी व ख़ुलूस के साथ तालीमी सुधार लाने की अपील की। कार्यक्रम में मदरसे के प्रिंसिपल मौलाना अली अहमद हश्मती, मास्टर आबिद रज़ा बेग, सेक्रेटरी वहीदुल्लाह, ख़ज़ांची ग़ुलाम सईद, प्रबंधक मोहम्मद क़ासिम, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि मोहम्मद इरफ़ान ख़ान हशमती सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
विभिन्न दर्जों में पोज़िशन हासिल करने वाले छात्र-छात्राओं में तीसरे दर्जे में अव्वल शाजिया ख़ातून बिन्ते इम्तियाज़ अली, दोम सबीरा ख़ातून बिन्ते अतहर अली, सोम साइबा ख़ातून बिन्ते वाजिद अली, दर्ज-ए-दोम में अव्वल शाहीन बानो, दोम ज़ीनत फ़ातिमा बिन्त मुहम्मद शादाब रज़ा, सोम नसीरुन्निसा दर्ज-ए-अव्वल में अव्वल उमैमा ख़ातून, दोम नर्गिस फ़ातिमा बिन्ते नसरुद्दीन, सोम अल्फ़िया ख़ातून, दर्ज-ए-नर्सरी में अव्वल नासिर अली इब्ने मुमताज़ अली, दोम हिदायत फ़ातिमा, सोम बुशरा ख़ातून को मदरसे की जानिब से तमाम कामयाब तलबा-ओ-तालिबात को मुबारकबाद पेश की गई और उनके रोशन मुस्तक़बिल के लिए दुआएं की गईं। असातिज़ा ने कहा कि यही बच्चे आने वाले समय में क़ौम और मुल्क का सरमाया बनेंगे। तक़रीब में मौजूद वालिदैन और सरपरस्तों ने मदरसे के तालीमी निज़ाम की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि संस्थान आगे भी दीनी व अख़लाक़ी तालीम के फ़रोग़ में अहम भूमिका निभाता रहेगा। आख़िर में दुआ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।





