वक्ताओं ने विचार व्यक्त किया साथ ही उपस्थित लोगों को बाल विवाह पर अंकुश लगाए जाने की दिलाई शपथ
महोबा। निदेशक महिला कल्याण उत्तर प्रदेश के निर्देशन चलाए जा रहे सौ दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत नगर पंचायत कुलपहाड़ में महिला कल्याण अधिकारी श्याम बाबू विश्वकर्मा के नेतृत्व में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में बाल विवाह जैसी करुतियों को समाज से समाप्त किए जाने पर वक्ताओं ने विचार व्यक्त किया साथ ही उपस्थित लोगों को बाल विवाह पर अंकुश लगाए जाने की शपथ भी दिलाई गई।
17 नवम्बर से 8 मार्च तक चलाए जा रहे बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत नगर पंचायत कुलपहाड़ में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महिला कल्याण अधिकारी ने बताया कि बाल विवाह मुक्त भारत अभियान का लक्ष्य साल 2026 तक बाल विवाह की दर को 10 फीसदी तक कम करना और 2030 तक भारत को बाल विवाह मुक्त बनाना है।
बताया कि बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत लड़की 18 वर्ष से कम आयु की और लड़का 21 वर्ष से कम आयु का होना अनिवार्य है। कहा कि बाल विवाह विशेष रूप से ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में गरीबी, लैंगिक असमानता और स्वास्थ्य संबन्धी जोखिमों के दुष्चक्र को बढ़ावा देता है, इसके अलावा, भारतीय कानून के तहत बाल विवाह प्रत्यक्ष रूप से बाल बलात्कार के समान है।
जेंडर स्पेशलिस्ट रुचि द्विवेदी ने कहा कि बाल विवाह भारत में एक व्यापक सामाजिक चुनौती बना हुआ है, जो देश भर में लाखों युवकों और युवतियों को प्रभावित कर रहा है। यह युवा लड़कियों को गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों, खासकर कम उम्र में गर्भधारण, घरेलू हिंसा के प्रति उनकी संवेदनशीलता को बढ़ाता है।
परामर्श दाता सीमा यादव कहा कि संज्ञेय और गैर जमानती अपराधों में वयस्क पुरुषों द्वारा बाल विवाह करने और ऐसे विवाहों का आयोजन, सहयोग, प्रचार करने के अलावा उपस्थित होने माता पिता, अभिभावकों आदि के लिए 2 वर्ष तक का कठोर कारावास या 1 लाख रुपये का जुर्माना शामिल है। कार्यक्रम में सामूहिक रूप से चर्चा संवाद हस्ताक्षर के साथ शपथ ग्रहण कराई गई। इस मौके पर अवधेश बाबू, नंदकिशोर, शिवम, कृपाल सिंह, संतोष कुमार सफाई नायक, नीरज सफाई नायक, संजय नामदेव, जुबेर, लाल दीवान, दीपू, राकेश सहित अन्य लोगों शामिल रहे।





