दरगाह वारसी,इटावा में वर्षों की ख़िदमत
इटावा। शहर के कटरा शहाब खां स्थित दरगाह हज़रत अबुल हसन शाह वारसी के ख़ादिम राशिद वारसी का मंगलवार दोपहर इंतकाल हो गया।बुधवार सुबह बाइस ख्वाजा कब्रस्तान में मरहूम के सैकड़ों चाहने वालों ने नम आंखों से सुपुर्दे ख़ाक कर लोगों ने रब तआला की बारगाह में हाथ उठाकर मगफिरत की दुआये की।बताया जाता है कि मरहूम कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे,मंगलवार सुबह तबियत बिगड़ने पर उन्हें ज़िला अस्पताल ले जाया गया वहां से उन्हें सैफई के लिए रिफर कर दिया गया,लगभग तीन बजे मरहूम का इंतकाल हो गया।
मरहूम की मिट्टी दरगाह शरीफ लाई गई जहां पर आप से मोहब्बत करने वालें लोग पहुंच गए सभी ने आख़री दीदार कर दुआये मगफिरत की।ख़ुश मिजाज़,हरदिल अज़ीज़ चेहरे पर हमेशा मुस्कुराहट सबके दुख-सुख में हमेशा खड़े रहे मरहूम।सरकार वारिसे पाक और आपके फकीरों से बेपनाह मोहब्बत करने वाले और दरगाह वारसी की वर्षों ख़िदमत कर इस दुनिया से रुखसत हो गए मरहूम राशिद वारसी।दिल्ली में रह रही मरहूम की बहन और भांजी सबा ने आकर आख़री दीदार कर नम आंखों से भाई के लिए दुआये मगफिरत की।





