जनप्रतिनिधियों व प्रशासन की उदासीनता पर उठे सवाल
ग्राम परसदवा डेरा में सड़क निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों का क्रमिक अनशन छठे दिन भी जारी रहा। कड़ाके की ठंड और सर्द हवाओं के बावजूद ग्रामीण दिन-रात खुले आसमान के नीचे धरने पर बैठे हैं। बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओं की लगातार मौजूदगी ने आंदोलन को और गंभीर बना दिया है, जबकि अब तक जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल सामने नहीं आई है।
अनशन स्थल पर पहुंचे बुंदेलखंड नव निर्माण सेना भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट विनय तिवारी ने जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासन की उदासीनता पर तीखा हमला करते हुए कहा कि हमीरपुर जिला राजस्व देने के मामले में प्रदेश में अग्रणी है, लेकिन विकास के पैमाने पर पीछे खड़ा नजर आता है। उन्होंने कहा कि भीषण ठंड में ग्रामीणों का खुले आसमान के नीचे बैठना व्यवस्था की असंवेदनशीलता को उजागर करता है।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।
ग्रामीणों का कहना है कि अनशन में बुजुर्ग, महिलाएं और युवा सभी शामिल हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से न तो अलाव की समुचित व्यवस्था की गई है और न ही किसी अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर उनकी सुध ली है। इसके बावजूद ग्रामीण अपने मांगों को लेकर अडिग बने हुए हैं।
इस सड़क की मांग को लेकर पूर्व में भी राजनीतिक स्तर पर आवाज उठ चुकी है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने वर्ष 2024 में फेसबुक के माध्यम से भाजपा सरकार को इस मुद्दे पर घेरा था, लेकिन जमीनी स्तर पर अब तक कोई कार्यवाही नहीं हो सकी है।
गौरतलब है कि वर्ष 2024 में इसी मांग को लेकर बुंदेलखंड नव निर्माण सेना भारत के बैनर तले पांच दिन का क्रमिक अनशन और दो दिन का आमरण अनशन किया गया था। उस दौरान उपजिलाधिकारी मौदहा के आश्वासन पर आंदोलन समाप्त किया गया था, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि वह आश्वासन आज तक पूरा नहीं हुआ।
वर्तमान में यह आंदोलन संगठन के जिला उपाध्यक्ष राजेंद्र निषाद के नेतृत्व में शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। ग्रामीणों का सवाल है कि जब कड़ाके की ठंड में भी जनता सड़क निर्माण की मांग को लेकर आंदोलनरत है, तो शासन-प्रशासन आखिर कब जागेगा?





