उरई (जालौन)।किकबॉक्सिंग की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में सत्या ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। फाइनल मुकाबलें में सत्या सिंह निषाद ने अपने प्रतिद्वंद्वी को 3-0 के एकतरफा स्कोर से पराजित कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया और किकबॉक्सिंग के नए राष्ट्रीय चैंपियन बन गए। उनकी इस उपलब्धि से खेल जगत में खुशी की लहर दौड़ गई है। सत्या सिंह निषाद जनपद जालौन के तहसील कालपी के रायड गांव के निवासी हैं।फाइनल मुकाबला शुरू से ही रोमांचक रहा।
सत्या निषाद ने अपनी बेहतरीन तकनीक, तेज गति और सटीक रणनीति के दम पर मुकाबले पर पूरी तरह नियंत्रण बनाए रखा। पहले राउंड से ही उन्होंने आक्रामक खेल दिखाया, जिससे विरोधी खिलाड़ी दबाव में आ गया। दूसरे और तीसरे राउंड में भी सत्या ने धैर्य और संतुलन बनाए रखते हुए निर्णायकों को प्रभावित किया और अंततः सर्वसम्मति से 3-0 से जीत दर्ज की।
सत्या सिंह निषाद की इस सफलता के पीछे वर्षों की कड़ी मेहनत, नियमित अभ्यास और प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन रहा है। उन्होंने बताया कि इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्होंने कई कठिन चुनौतियों का सामना किया, लेकिन कभी हार नहीं मानी। उनका कहना है कि यह जीत उनके माता-पिता, कोच और उन सभी शुभचिंतकों को समर्पित है जिन्होंने हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया।
सत्या सिंह निषाद की इस उपलब्धि पर खेल प्रेमियों, स्थानीय नागरिकों और खेल संगठनों ने उन्हें बधाई दी है। लोगों का कहना है कि सत्या की जीत आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी। उनकी यह सफलता न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि देश के खेल गौरव को भी नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाली है।अब सभी की नजरें सत्या के आगामी अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों पर टिकी हैं, जहां उनसे एक बार फिर देश का नाम रोशन करने की उम्मीद की जा रही है।





