संभलःअवधनामा संवाददाता जिलाधिकारी डॉ राजेंद्र पेंसिया एवं पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई के निर्देशन में चलाए जा रहे बाल विवाह मुक्त अभियान के क्रम में जिला प्रोबेशन अधिकारी चंद्रभूषण के निर्देश पर ‘100 दिवसीय गहन जागरूकता अभियान’ को सफल बनाने के लिए ब्लॉक सभागर पंवासा में जिला कार्यक्रम अधिकारी महेश कुमार की मौजूदगी में आंगनबाड़ियों को प्रशिक्षण दिया गया ताकि बाल विवाह मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल किया जा सके। बाल अपराधों पर कार्य करने बाली प्रयत्न संस्था के प्रभारी गौरीशंकर चौधरी ने बताया की जिले में बाल विवाह रोकने के लिए अब आंगनबाड़ी प्रमुख भूमिका निभाएंगी जिसके लिए उन्हें प्रशिक्षित किया जा रहा है क्योंकि आँगबाड़ियां अंतिम पायदान पर खड़ी हितधारक है जिनकी पहुंच हर घर तक होती है।
और बाल विवाह को रोकने में ये सबसे महत्पूर्ण कड़ी साबित होंगी, बाल कल्याण समिति से गौरव शर्मा ने आँगनबाड़ियों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के विषय में समझाया और कहा कि बाल विवाह के आयोजन में शामिल होने वाले सभी प्रतिभागी जिसमें शादी कराने वाले पंडित से लेकर नाई हलवाई टेंट वाला और सभी सेवा प्रदाताओं के साथ जो भी बाल विवाह के आयोजन में सम्मिलित होगा उसे दो साल की सजा या एक लाख रूपये का जुर्माना अथवा दोनों हो सकते है। थाना एएचटी से उपनिरीक्षक बाबू राम सैनी ने बताया की कम उम्र में शादी करने से बच्ची की विकास रुक जाता है अंत में जिला कार्यक्रम अधिकारी महेश कुमार ने कहा की बाल विवाह एक सामाजिक बुराई है जिसे हम सबको मिलकर खत्म करना होगा जिसके खिलाफ सभी को बाल विवाह न करने की शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर गौरव गुप्ता, बाबू राम सैनी, कांस्टेबल मयंक, महिला कांस्टेबल स्वेता, फील्ड कोर्डिनेटर सिराज अहमद, आंगनबाड़ी नईम अख्तर, शबाना के साथ समस्त आंगनबाड़ी मौजूद रही।





