सम्भल अवधनामा संवाददाता शनिवार को एक छह वर्षीय मासूम बच्ची दस फ़ीट ऊंचे दो खम्भो के सहारे बंधी रस्सी पर चल कर अपनी जान जोखिम में डालकर इस कड़कड़ाती ठंड में तमाशा दिखा रही थी जिसपर सम्भल में बाल अधिकारों के लिए काम करने बाली जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन की सहयोगी प्रयत्न संस्था के प्रभारी गौरीशंकर चौधरी की नजर पड़ी जिसका तुरंत संज्ञान लेते हुए बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष गौरव गुप्ता को सूचित किया जिनके आदेश पर थाना कोतवाली सम्भल प्रभारी गजेंद्र सिंह ने उपनिरीक्षक एवं बाल कल्याण अधिकारी/ मिशन शक्ति केंद्र प्रभारी राखी चौधरी के नेतृत्व में एक टीम गठित की जिसने तत्परता दिखाते हुए जानता पेट्रोल पम्प के सामने बच्ची को रस्सी से उतारा और उसकी मां से पूछताछ की तो पता चला की ये अंजना पत्नी शत्रुघ्न सिन्हा अपनी छह बर्षीय पुत्री नंदनी के साथ छत्तीसगढ़ से आये हुए हैं और ये जगह जगह घूम घूम कर तमाशा दिखाने का कार्य करते हैं।
जिसपर टीम ने इन्हे समझाया की छह साल की बच्ची को रस्सी पर चढ़ा कर उसकी जानको जोखिम में डालना कानूनन अपराध है और ये उम्र बच्ची के पढ़ने और खेलने की है न की खेल दिखाने की अगर फिर से ऐसा किया तो कानूनी कार्यवाही की जाएगी जिसपर बच्ची की मां ने टीम को भरोसा दिलाया की अब ये काम नहीं करेंगे और बच्ची को पढ़ाएंगे जिसपर प्रयत्न संस्था ने बच्ची को सर्दी से बचने के लिए गर्म कपड़े भेंट किये। पुलिस की सजगता ने न सिर्फ एक बच्ची का बचपन बचाया बल्कि एक संदेश दिया कि सामजिक संस्थाएं पुलिस और प्रशासन के साथ मिलकर समाज में बड़ा बदलाव ला सकती है।





