महराजगंज। जनपद में गोंड़ अनुसूचित जनजाति के जाति प्रमाण पत्र निर्गत किए जाने को लेकर एक बार फिर विवाद सामने आया है। मूल आदिवासी जनजाति कल्याण संस्था भारत वर्ष की ओर से जिलाधिकारी महराजगंज को शिकायती पत्र भेजकर गोंड़ जाति प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया पर आपत्ति जताई गई है।
संस्था का कहना है कि जनपद महराजगंज में वास्तविक गोंड़ जनजाति का निवास नहीं है, बल्कि यहां कहार समुदाय के लोग स्थानीय बोलचाल में स्वयं को गोंड़ बताकर अनुसूचित जनजाति का लाभ ले रहे हैं।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि वर्ष 1989, 2004-05 के शोध और 2012 में तहसील स्तर से दी गई रिपोर्ट के अनुसार महराजगंज में गोंड़ जनजाति का निवास नहीं पाया गया। इसके बावजूद कथित रूप से फर्जी तरीके से जाति प्रमाण पत्र बनाए जा रहे हैं।
संस्था ने मांग की है कि कहार गोंड के नाम पर अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र निर्गत न किया जाए और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है।





