निरीक्षण में एडीजे ने बंदियों की समस्याओं को सुना उनका निस्तारण कराए जाने के जेलर को दिए निदेश
महोबा। जला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव व अपर जिला जज तेंद्र पाल ने जिला उपकारागार का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में एडीजे ने बंदियों की समस्याओं को सुना उनका निस्तारण कराए जाने के जेलर को आवश्यक निदेश दिए। इस मौके पर तत्पश्चात रसोईघर, बैरकों के अलावा उपकारागार परिसर का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं को देखा। उन्होंने निरंतर स्वच्छता बनाये रखने के लिए निर्देशित किया गया साथ ही जेलर से बंदियों की संख्या व नाश्ते व भोजना में पकने वाली सामग्री के बावत भी जानकारी हासिल की।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष व जनपद न्यायाधीश राम नगीना यादव के आदेशानुसार अपर जिला जज ने टीम के साथ जिला उपकारागार महोबा का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण दौरान निरूद्ध बंदियों की समस्याओं को सुना, जिसमें बंदी अकरम पुत्र लल्लू सौदागर ने अर्थदंड की सहायता किये जाने की समस्या को बताया गया तो वहीं बंदी दिलीप पुत्र सत्तीदीन ने परिवार से मिलने के लिये अपने घर का पता बताया। जिस पर एडीजे ने उपरोक्त बन्दियो की समस्या के निराकरण के लिए पीएलवी को निर्देशित किया गया तथा बंदियों को जानकारी दी गयी कि अगर न्यायालय द्वारा नियत तिथि मे तलब नहीं किया जाता है तो सबंधित सूचना प्रार्थना पत्र के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय को अवगत कराया जाये, जिससे संबधित न्यायालय मे उनके केस की कार्रवाई का पता करके संबधित न्यायालय को अवगत कराया जाये।
निरीक्षण दौरान अपर जिला जज ने निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराने, आदि समस्याओं की सुनवाई सुनिश्चित करते हुये जेल के बंदियों को विधिक सहायता उपलब्ध कराने के के अलावा कुछ बन्दियां के जमानत प्रार्थना पत्र उच्च न्यायालय मे प्रस्तुत करने के लिए निर्देश दिये। जो बन्दी अत्यन्त गरीब है तथा अपना निजी अधिवक्ता नियुक्त नहीं कर सकते उन्हे निःशुल्क लीगल एड डिफेंस काउन्सिल नियुक्त करने हेतु निर्देशित किया गया। निरीक्षण के वक्त अधिकारियों ने बंदी टिंकू बाबा पुत्र हरप्रसाद व राजेन्द्र नायक पुत्र महावीर प्रसाद की जमानतदार के अभाव की समस्या को बताया गया, जिसके निस्तारण किए जाने के निदेश दिए गए।
इसके बाद अस्पताल मे उपस्थित 09 कैदीयों का हाल चाल जाना। निरीक्षण के दौरान जेलर द्वारा बताया गया कि उपकारागार मे कुल 323 बन्दी निरूद्ध है, जिसमे विचाराधीन बंदियों की संख्या 275 एंव सिद्धदोष बंदियों की संख्या 48 है। बताया गया कि प्रातकाल बन्दियां को नास्ते मे चाय, गुड़, चना दिया गया था तथा सुबह के भोजन के लिए अरहर की दाल, आलू मूली की सब्जी, रोटी तैयार की गयी है। निरीक्षण के दौरान लीगल एड डिफेंस काउसिंल सिस्टम के चीफ रामऔतार सिंह, डिप्टी रामनरेश नरेश यादव, असिस्टेंट योगेन्द्र सिंह, जेलर प्रिय कुमार मिश्र सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।





