मौदहा (हमीरपुर)। विकासखंड मौदहा में लंबित मांगों को लेकर चल रहा ग्राम विकास अधिकारियों का आंदोलन सोमवार को और तेज हो गया। प्रांतीय कार्यकारिणी के आह्वान पर चल रहे आंदोलन के क्रम में 19 ग्राम विकास अधिकारियों ने सामूहिक रूप से अपने डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (डीएससी)/डोंगल सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) के समक्ष जमा कर दिए, जिससे विकासखंड के डिजिटल कार्यों के ठप होने की आशंका गहरा गई है।
आंदोलनरत ग्राम विकास अधिकारियों ने बताया कि यह आंदोलन 01 दिसंबर 2025 से शांतिपूर्ण ढंग से जारी है, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। इसी के विरोध स्वरूप यह कठोर कदम उठाया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी होने तक वे नवीन शासनादेशों एवं अन्य डिजिटल विभागीय कार्यों का बहिष्कार जारी रखेंगे।
डोंगल जमा करने वालों में ग्राम विकास अधिकारी नीतेश कुमार सिंह, उपेन्द्रनाथ पाण्डेय, प्रियंका देवी, भूपेन्द्र, हरीबाबू, अरविन्द सोनी, बीरेंद्र पाल, अरविन्द पाल, नीरज पटेल, शिवमूर्त्त सिंह, हरिश्चंद्र, स्वाती, विनोद वर्मा, राजू सिंह, निशाचन्द्र, दिगम्बर सिंह, बृजेश शुक्ला, अरविन्द यादव एवं भगवान प्रसाद शामिल रहे।
ग्राम विकास अधिकारियों ने सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) से अनुरोध किया कि चूंकि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और डीएससी/डोंगल सुरक्षित रूप से जमा किए गए हैं, इसलिए उन्हें आंदोलन जारी रखने की अनुमति दी जाए। साथ ही जमा किए गए डोंगल की पावती (रसीद) देने की भी मांग की गई, ताकि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद न हो।
इस आंदोलन के चलते विकासखंड मौदहा में सरकारी योजनाओं के ऑनलाइन क्रियान्वयन, भुगतान प्रक्रिया एवं अन्य डिजिटल कार्यों पर व्यापक असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। सूचनार्थ इसकी प्रतिलिपि खंड विकास अधिकारी मौदहा को भी प्रेषित की गई है।





