Saturday, March 14, 2026
spot_img
HomeItawaभारत के पास रिसर्च के क्षेत्र में विश्व का नेतृत्व करने की...

भारत के पास रिसर्च के क्षेत्र में विश्व का नेतृत्व करने की अपार संभावनाएँ हैं

यूपीयूएमएस,सैफई में पहला रिसर्च शोकेस एंड ओरेशन 2025 सफलतापूर्वक संपन्न

सैफई,इटावा। उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (यूपीयूएमएस),सैफई में गुरूवार को प्रथम रिसर्च शोकेस एंड ओरेशन 2025 का बुधवार को भव्य आयोजन किया गया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रोफेसर (डॉ.)विनय पाठक, कुलपति छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय,कानपुर तथा गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में पद्मश्री प्रोफेसर(डॉ.) सोनिया नित्यानंद,कुलपति किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी(केजीएमयू), लखनऊ उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम की शुरुआत में डॉ.सविता अग्रवाल, एसोसिएट डीन(रिसर्च)ने विश्वविद्यालय में संचालित शोध गतिविधियों, उपलब्धियों और चल रहे रिसर्च प्रोजेक्ट्स का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया।उन्होंने यह भी बताया कि विश्वविद्यालय के फैकल्टी व छात्रों द्वारा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर अनुसंधान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं और विश्वविद्यालय द्वारा 50 से भी अधिक पेटेंट कराया जा चुका है।

कुलपति प्रोफेसर(डॉ.)अजय सिंह ने मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि का स्वागत करते हुए कहा कि नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज(NCDs)पर केंद्रित शोध भविष्य की स्वास्थ्य आवश्यकताओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।उन्होंने इंटरडिपार्टमेंटल रिसर्च कोलैबोरेशन को और मजबूती देने की आवश्यकता पर बल दिया।

साथ ही,उन्होंने रिसर्च स्कॉलर्स के लिए विश्वविद्यालय स्तर पर इनसेंटिव एवं स्पॉन्सरशिप कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा भी की।गेस्ट ऑफ ऑनर पद्मश्री प्रोफेसर (डॉ.)सोनिया नित्यानंद ने स्टेम सेल अनुसंधान में अपने असाधारण कार्य पर आधारित लेक्चर प्रस्तुत किया।इस क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जा चुका है।

उनका संबोधन विद्यार्थियों एवं युवा शोधकर्ताओं के लिए अत्यंत प्रेरक सिद्ध हुआ।मुख्य अतिथि प्रोफेसर(डॉ.)विनय पाठक ने अपने संबोधन में कहा कि भारत के पास रिसर्च के क्षेत्र में विश्व का नेतृत्व करने की अपार संभावनाएँ हैं और आने वाले वर्षों में अपना देश अमेरिका व चीन जैसे देशों को भी पीछे छोड़ सकता है।उन्होंने यूपीयूएमएस में रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की तथा चिकित्सा शिक्षकों व छात्रों की सक्रिय भागीदारी की प्रशंसा की।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा किए गए उत्कृष्ट शोध प्रोजेक्ट,क्लीनिकल इनोवेशन,पब्लिक हेल्थ स्टडीज और तकनीकी नवाचारों का वृहद प्रदर्शन किया गया।उच्च स्तरीय शोध करने वाले और पेटेंट प्राप्त करने वाले संकाय सदस्यों को विशेष सम्मान भी प्रदान किया गया।इस अवसर पर विश्वविद्यालय के सभी संकाय सदस्य,शोधकर्ता एवं छात्र-छात्राएँ बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। यह ऐतिहासिक आयोजन कुलपति प्रोफेसर(डॉ.)अजय सिंह के दूरदर्शी, नवाचार-उन्मुख एवं शोध-केंद्रित नेतृत्व का परिणाम है,जिसकी बदौलत यूपीयूएमएस चिकित्सा शिक्षा,अनुसंधान उत्कृष्टता और सामाजिक उत्तरदायित्व के नए मानक स्थापित कर रहा है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img

Most Popular