Wednesday, February 25, 2026
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पेंशनरों ने कटोरी चम्मच बजाकर शहर में निकाला मौन जुलूस,आठवें वेतन आयोग में शामिल किए जाने की मांग

जुलूस के बाद तहसील परिसर पहुंचकर मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी को सौंपा

महोबा। पेंशनरों की समस्याओं को लेकर वरिष्ठ नागरिक पेंशनर्स सेवा संस्थान के तत्वावधान में शनिवार को पेंशनरों ने मौन जुलूस निकालकर सरकार के खिलाफ विरोध जाताया। जुलूस दौरान पेंशनर हाथों में कटोरी चम्मच बजाते हुए चल रहे थे। जुलूस कचहरी स्थित पेंशन भवन से आरम्भ हुआ और तहसील परिसर पर पहुंचकर सभा में परिवर्तित हो गया, जहां पर संस्थान के पदाधिकारियों ने अपने विचार व्यक्त किए और इसके बाद मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी शिव ध्यान पाण्डेय को सौंपाकर समस्याओं का निस्तारण कराए जाने की मांग की साथ ही समस्याओं का निस्तारण न होने पर संगठन 17 दिसम्बर को प्रधानमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन सौंपे जाने की रणनीति बनाई गई है। शनिवार की सुबह करीब ग्यारह बजे से जिले के पेंशनर पेंशनर्स भवन में एकत्र हुए और हाथों में कटोरी और चम्मच लेकर बजाते हुए मौन जुलूस की शुरूआत की। जुलूस परमानंद चौराहा, रोडवेज बस स्टैंड, आल्हा चौक से होते हुए सदर तहसील प्रांगण पहुंचकर समाप्त हुआ।

इस अनोखे तरीके से निकाले गए मौन जुलूस को देखने के लिए लोगों की खासी भीड़ नजर आई। तहसील परिसर में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए वरिष्ठ नागरिक पेंशनर्स सेवा संस्थान के महामंत्री बीके तिवारी ने कहा कि कहा कि जब देश के उपराष्ट्रपति सहित जनप्रतिनिधि चार चार पेंशन समय समय पर बढ़ायी जाती रहती है तो सरकारी सेवानिवृत्त कार्मिकों की पेंशन को आठवें वेतन आयोग की शर्तों से गायब किया जाना सरकार की पेंशन बंद करने की साजिश है।

महामंत्री ने प्रशासन की पेंशनर प्रतिनिधियों के साथ संवादहीनता पर आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार व प्रशासन पेंशनरों की सहनशीलता की परीक्षा न लें। वहीं संस्थान के अध्यक्ष सुनील शर्मा ने कहा कि सेवानिवृत्त कार्मिकों के लिए पेंशन कोई खैरात नहीं है वह पेंशनरों द्वारा जीवन भर देश व प्रदेश की सेवा का प्रतिफल है यदि सरकार समय रहते ध्यान न दिया तो पेंशनर अपने वोट की शक्ति का इस्तेमाल करेगी।

पेंशरों ने सभा के बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा। सौंपे गए ज्ञापन में मांग की गई कि आठवें वेतन आयोग की टर्म्स ऑफ रिफरेंस में पेंशनरों को सम्मिलित किये जाने सहित राशिकरण की कटौती 11 वर्ष, 18 महीने का डीए के भुगतान दिलाया जाए। डिजिटल परिचय पत्र, पेंशन संगठन के अध्यक्ष, महामंत्री का सचिवालय पास, चिकित्सा प्रतिपूर्ति दावों का समय से निस्तारण कराया जाए। दीनदयाल उपाध्याय कैश लेस व्यवस्था में सभी शिक्षकों को सम्मिलित किये जाने।

ज्ञापन में स्थानीय जिला प्रशासन की पेंशनरों के साथ उपेक्षापूर्ण रवैये व पेंशन, पारिवारिक पेंशनरों के नॉमनी अंकित न होना, पेंशनर की मृत्यु की दशा में प्रपत्र-3 की मांग करना, सामाजिक सरोकार की बैठकों की सूचना पेंशनर प्रतिनिधियों को न देना, स्वास्थ्य एवं राजस्व विभाग के सेवानिवृत्त कार्मिकों के देयकों एवं पारिवारिक पेंशन न मिलना आदि प्रमुख मांगों का निस्तारण कराए जाने की मांग कराई।

इस अवसर पर शिवकुमार त्रिपाठी, अरविन्द खरे, रामशरण त्रिपाठी, ईश्वरी प्रसाद तिवारी, कालका प्रसाद गुप्ता, ओपी सिंह, अरुण खरे, इस्तियाक खां, जगदीश कुमार, महेन्द्र गुप्ता, बसंतलाल गुप्ता, बाबूलाल नायक, योगेश पाठक, पुष्पा सक्सेना, शहनाज परवीन, इन्द्रमा, गीता पाण्डेय, सत्यभामा, कमलेश शर्मा आदि मौजूद रहीं।

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