ललितपुर। जिला मुख्यालय परिसर में बुधवार को एक अधिवक्ता शेरसिंह यादव द्वारा प्रशासनिक निष्क्रियता और लगातार हो रहे उत्पीडऩ से क्षुब्ध होकर आमरण अनशन प्रारंभ कर दिया गया है। उन्होंने माननीय महामहिम राष्ट्रपति को प्रार्थना पत्र भेजकर इच्छा मृत्यु की अनुमति भी मांगी है। थाना जाखलौन क्षेत्रांतर्गत ग्राम देवगढ़ निवासी अधिवक्ता शेरसिंह यादव ने आरोप लगाया है कि सहारा इंडिया में जमा उनकी और अन्य ग्रामीणों की रकम वापस न मिलने की आड़ में उनके ही परिजनों द्वारा उनकी कृषि भूमि जबरन कब्जाने का प्रयास किया जा रहा है।
विरोध करने पर उन्हें जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। गंभीर आरोप यह भी है कि इस मामले में थाना पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, बल्कि उल्टा अधिवक्ता के खिलाफ ही शांति भंग की कार्रवाई करते हुए 126/135 बीएनएसएस के तहत कार्यवाही दर्ज कर दी गई। पीडि़त अधिवक्ता का कहना है कि वे पिछले कई महीनों से थाना स्तर से लेकर जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक एवं तहसील दिवस तक लगातार शिकायत देते आ रहे हैं, लेकिन आरोपियों के विरुद्ध कोई कार्यवाही न होने के कारण उन्हें न्याय से वंचित होना पड़ रहा है।
इन मांगों को लेकर किया अनशन
अधिवक्ता ने दबंगों द्वारा खेती की जमीन कब्जाने से रोकने की मांग, जान से मारने की धमकी देने वालों पर कठोर कानूनी कार्यवाही, पुलिस प्रशासन की उपेक्षा को संज्ञान में लिया जाए, न्याय न मिलने की स्थिति में इच्छा मृत्यु की स्वीकृति किये जाने की मांग उठायी है। जिला बार एसोसिएशन और अन्य अधिवक्ताओं ने मामले का संज्ञान लिया है और पीडि़त अधिवक्ता के प्रति समर्थन जताया है।
पीडि़त अधिवक्ता का कहना है
अधिवक्ता शेर सिंह यादव ने कहा कि जब पुलिस और प्रशासन ही दबंगों के आगे मौन है, तब एक आम व्यक्ति न्याय की उम्मीद किससे करेगा? अब या तो न्याय मिले, या मुझे जीने से मुक्ति। प्रशासनिक और न्यायिक प्रणाली के प्रति यह आक्रोश क्षेत्र में चर्चा का विषय बन चुका है। अब देखना यह होगा कि शासन-प्रशासन इस संवेदनशील प्रकरण पर क्या कदम उठाता है।





