प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपकर, कार्रवाई की उठाई मांग
महोबा। मध्यप्रदेश में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी ने सवर्ण समाज की बेटियो को लेकर कथित तौर पर दिए गए विवादित बयान से नाराज ब्राह्मण समाज के लोगों ने बुधवार को नीरज रावत के नेतृत्व में सदर तहसील पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन दौरान आईएएस के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर कार्रवाई की मांग उठाई। ब्राह्मण समाज के लोगों ने प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपकर आईएएस पर कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की।
उपजिलाधिकारी को सौंप गए ज्ञापन में बताया कि मध्य प्रदेश के भोपाल में आयोजित आजक्स संगठन के प्रांतीय अधिवेशन के दौरान वरिष्ठ आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा ने सवर्ण समाज, विशेषकर ब्राह्मण समाज की बेटियों को लेकर विवादित बयान दिया है, जिससे ब्राह्मण समाज में भारी आक्रोश है। बताया कि केंद्र और राज्य सरकारें बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, लाडली लक्ष्मी और लाडली बहना जैसी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं।
ऐसे समय में किसी अधिकारी ने सार्वजनिक मंच से अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर समाज में तनाव फैलाने का प्रयास है। बताया कि आईएएस ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में ब्राह्मण समाज की बेटियों के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली अशोभनीय और अपमानजनक टिप्पणी की है। इससे पूरे सवर्ण समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। प्रदर्शन दौरान नीरज रावत ने कहा कि एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी ने ऐसी निम्नस्तरीय मानसिकता का प्रदर्शन अखिल भारतीय सेवा आचरण नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि यह बयान समाज को जातिगत आधार पर बांटने वाला और बेटियों की गरिमा को तार-तार करने वाला है।
ब्राह्मण समाज ने राष्ट्रपति से मांग की है कि संतोष वर्मा को तत्काल शासकीय पद से मुक्त किया जाए और उन पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए साथ ही चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में महंत देवी चरण दास, संजय दीक्षित, रमाकांत तिवारी, अमित शर्मा, जितेंद्र नाथ द्विवेदी, रविंद्र कुमार द्विवेदी, विवेक मिश्रा, राकेश कुमार, आशीष अवस्थी और भरत तिवारी सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।





