जनपद में अवैध खनन, अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग की शिकायतों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए जिलाधिकारी घनश्याम मीना के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम गठित की गई थी। जांच टीम द्वारा प्रस्तुत विस्तृत रिपोर्ट के आधार पर कोतवाली हमीरपुर में 24 लोकेटरों सहित 10 वाहनों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के संयुक्त नेतृत्व में की गई।
जांच रिपोर्ट के अनुसार एक संगठित गिरोह लंबे समय से विभिन्न गाड़ियों से प्रवर्तन टीमों की रीयल-टाइम लोकेशन व्हाट्सऐप पर साझा कर रहा था। लोकेशन भेजकर ये लोग अवैध खनन व ओवरलोड वाहनों को पास कराने, जांच टीमों की निगरानी करने और राजस्व की चोरी कराने में सक्रिय भूमिका निभाते थे। आरोप है कि लोकेटर न केवल लोकेशन साझा करते थे, बल्कि प्रवर्तन टीम के साथ गाली-गलौज कर धमकियां तक देते थे।
जांच के दौरान ट्रक चालकों व अन्य संदिग्धों के मोबाइल में 200 से अधिक अवैध परिवहन से जुड़े व्हाट्सऐप ग्रुप, लोकेटरों के सेव नंबर, लोकेशन वॉइस मैसेज और लिखित संदेश मिले हैं, जो गिरोह की सक्रियता और नेटवर्क की पुष्टि करते हैं। गिरोह द्वारा मौदहा, राठ, सरीला, चंडौत, चिकासी सहित कई क्षेत्रों में अवैध खनन व ओवरलोड वाहनों को सुरक्षित मार्ग देकर सरकारी कार्य में बाधा पहुँचाने के भी प्रमाण मिले हैं।
प्रशासन ने इन व्यक्तियों पर बीएनएस की धाराएं 49, 132, 191(2), 191(3), 221, 303(2), 318(4), 351(2), 352, सार्वजनिक संपत्ति नुकसान अधिनियम 1984 की धारा 3 व 5, तथा खान एवं खनिज अधिनियम 1957 की धारा 4 व 21 के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत कराया है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन एवं ओवरलोडिंग में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और जनपद में नियमों के अनुरूप सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।





