आरटीई एक्ट को लेकर शिक्षकों में उबाल, प्रधानमंत्री से संशोधन की मांग
आगरा। शिक्षा अधिकार अधिनियम (आरटीई) पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शिक्षक सड़कों पर उतर आए हैं। राष्ट्रवादी शिक्षक महासंघ के बैनर तले सोमवार को बीएसए कार्यालय से कलेक्ट्रेट तक जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदेश अध्यक्ष मुकेश डागुर और जिलाध्यक्ष कीर्तिपाल सिंह टाइगर के नेतृत्व में सैकड़ों शिक्षकों ने पैदल मार्च निकाला।
इस दौरान टेट को वापस लो और शिक्षा बचाओ के नारे गूंजे। शिक्षकों ने काले गुब्बारे उड़ाकर भी अपना विरोध दर्ज कराया। कलेक्ट्रेट पहुंचकर शिक्षकों ने एडीएम को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदेश अध्यक्ष मुकेश डागुर ने कहा कि सरकार की नीयत साफ नहीं है। पहले लाखों पद खत्म किए गए, फिर स्कूल बंद कराए गए और अब टेट के नाम पर शिक्षकों को हटाने की साजिश की जा रही है।
उन्होंने चेताया कि यदि आरटीई एक्ट की धारा 23(1) लागू हुई तो स्कूल खाली हो जाएंगे और गरीब बच्चों का भविष्य खतरे में पड़ जाएगा। जिलाध्यक्ष कीर्तिपाल सिंह टाइगर ने कहा कि सरकार शिक्षा व्यवस्था का निजीकरण करना चाहती है। यदि शिक्षकों की मांगें पूरी नहीं की गईं तो आंदोलन और उग्र होगा।





