दुबारा मकान बेचने के लिए बदल दी परिवार रजिस्टर की नकल
संसारीपुर में धोखाधड़ी से कराया दलित पट्टे की जमीन का बैनामा, फर्जी परमीशन लगाई
तहसील अमेठी में भ्रष्टाचार थमने का नाम नहीं ले रहा है।एक ही जमीन का दो बार बैनामा और धोखाधड़ी करके जमीन हथियाने के दो प्रकरण सामने आए हैं। दोनों मामलों में ए डी एम ने जांच और कार्यवाई के निर्देश दिए हैं।
खेरौना गांव तहसील और ब्लाक मुख्यालय से लगा हुआ है।इस राजस्व गांव में जमीनों के क्रय विक्रय को लेकर धोखधड़ी और जालसाजी के मामले अक्सर सामने आते रहते हैं।हाल ही में एक प्रकरण सामने आया है जिसमें परिवार रजिस्टर में जालसाजी करके एक ही मकान को दुबारा बेचा गया है। पीड़ित पक्ष के प्रार्थना पत्र पर ए डी एम ने मामले की जांच कर दुबारा किए गए बैनामे को शून्य करने के निर्देश दिए हैं।
मिश्रौली माफी गांव की महिला रामरती ने जालसाजी के लिए परिवार रजिस्टर की नकल का प्रयोग किया है।मिश्रौली माफी के परिवार रजिस्टर में रति देवी पत्नी जमुना प्रसाद दर्ज है। ग्राम पंचायत अधिकारी ने यह नकल तीन सितंबर 2025को जारी की है।खेरौना के पंचायत सचिव पवन कुमार यादव ने 2सितम्बर को परिवार रजिस्टर की नकल जारी की है।यह नकल दो राइटिंग में है।अनारा देवी पत्नी रामस्वरूप और रामरती पुत्री राम स्वरूप का नाम दूसरी कलम से लिखा गया है।
स्वयं को मल्टी सर्व इंडिया प्राइवेट लिमिटेड नाम की कम्पनी का निदेशक बताने वाले कृष्ण कुमार ने अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व को दिए गए शिकायती पत्र में रति देवी/रामरती पर जालसाजी के आरोप लगाए हैं कृष्ण कुमार का कहना कि परिवार रजिस्टर में नामों की हेर फेर करके रामरती ने झूठे दस्तावेज़ के सहारे मकान को अन्य व्यक्तियों के नाम करने की कोशिश कर रही है।मामले को संज्ञान में लेते हुए अपर जिलाधिकारी अर्पित गुप्ता ने एस डी एम आशीष सिंह को तत्परता से जांच व कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
उधर भादर के संसारीपुर गांव में भी दलित के पट्टे की जमीन को धोखाधड़ी करके बेचने का मामला प्रकाश में आया है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से शिकायत की है।भादर ब्लॉक में एक शिक्षक पर ग्राम पंचायत की बेशकीमती सरकारी भूमि का फर्जी एससी परमिशन बनाकर बैनामा कराने का गंभीर आरोप लगा है। मामले की जांच जिला अधिकारी संजय चौहान ने आदेशित कर दी है।
जानकारी के अनुसार, भादर ब्लॉक के विशुनदासपुर मजरे संसारिपुर गांव निवासी प्रहलादी पुत्र हिम्मत और गेनादेवी को वर्ष 2014-15 में ग्राम पंचायत की ओर से 0.089 हेक्टेयर कृषि आवंटन मिला था। आरोप है कि कुछ दिन बाद एक स्कूल में कार्यरत शिक्षक ने तत्कालीन जिलाधिकारी अरुण कुमार के नाम से फर्जी एससी परमिशन बनाकर उस भूमि का बैनामा अपने नाम कर लिया।





