सिद्धार्थनगर। सड़क दुर्घटना में चार कामकाजी व सामाजिक, धार्मिक गतिविधियों में बढ़चढ़ कर भाग लेने वाले युवाओं की मौत से पूरे जिले में हाहाकार मचा हुआ है। सड़क दुर्घटना रविवार दोपहर को कुशीनगर में हुईं है।
सभी मृतकों की शहर में अपनी छवि थी, अच्छी नौकरी के साथ साथ साहित्यिक और सांस्कृतिक अभी रुचि के कारण ज़िले में उनकी विशिष्ट पहचान थी। मुख्यालय निवासी 6 मित्र कार से बाबा धाम (झारखंड) की यात्रा पर गए थे। इनमें चार मृतक यानी 36 वर्षीय सुजीत जायसवाल एडीओ पंचायत, 50 वर्षीय रामकरण गुप्त कानूनगो, 48 वर्षीय कैलाश मणि शिक्षक, 38 साल के मनोज सिंह थे। बाकी दो घायलों में राजेश शर्मा मान्यता प्राप्त पत्रकार और प्रशांत शर्मा थे।
बताते हैं की रविवार पूर्वान्ह इन सबकी कार कुशीनगर जिले के बगहीकुटी के पास एक ट्रैक्टर-ट्रॉली से जा टकराई, जिससे चार लोगों की मौके पर ही मृत्यु औऱ दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए। सभी अपने परिजनों का सहारा बने हुए थे, सुजीत जायसवल, रामकरण गुप्त व कैलाश मणि तो घर के अलावा सामाजिक और साहित्यिक गतिविधियों में अग्रणी भूमिका भी निभाते थे, सुजीत तो सांस्कृतिक आयोजनों के आर्थिक रीढ़ ही थे। यही कारण है कि इस घटना से शहर के सामाजिक व साहित्यिक क्षेत्र में भी दुख का वातावरण बना हुआ है।
मृतकों के मित्र संतोष श्रीवास्तव बताते है कि वे सब मिलकर शहर की साहित्यिक गतिविधियों को जीवंत बनाये हुए थे। अब वो कैसे चलेंगी? रामकरण, सुजीत कैलाश के बच्चे कैरियर की राह चुनने के मोड पर हैं, ऐसी दशा में उनकी शिक्षा दीक्षा का क्या होगा, यह अहम सवाल है।
इस दुखद समाचार के मिलते ही शहर के दर्जन भर लोग कुशीनगर के लिए रवाना हो चुके हैं, दूसरी तरफ मुख्यालय पर मृतकों के मुहल्ले मधुकरपूर में कोहराम मचा हुआ है और स्टेशन रोड पूरब पड़ाव में कोहराम मचा हुआ है। मृतकों के घरों में पुरुषों की आंखें पथराई हुई है तो महिलाओं की आंखों में समंदर उतरा हुआ है। सभी को इंतज़ार है लाशों के आने का। दुखों के पहाड़ टूटने पर माहौल क्या होता है, शहर कल ही महसूस कर सकेगा।





