उत्तर प्रदेश में नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत पिछले चार वर्षों में 11.68 लाख से अधिक लोग साक्षर बने हैं। इस अभियान में 15 वर्ष से अधिक आयु के निरक्षर लोगों को स्वयंसेवकों के माध्यम से पढ़ना, लिखना और गणना करना सिखाया जाता है।
लखनऊ। प्रदेश में 15 वर्ष से अधिक आयु के निरक्षर लोगों को शिक्षित बनाने के लिए चलाए जा रहे नव भारत साक्षरता कार्यक्रम से अब तक 11.68 लाख से अधिक लोग साक्षर बन चुके हैं। केंद्र सरकार प्रायोजित इस अभियान के तहत पिछले चार वर्ष में प्रदेश में सात साक्षरता मूल्यांकन परीक्षाएं आयोजित की गईं।
इन परीक्षाओं में कुल 13,81,530 लोगों ने हिस्सा लिया, जिनमें से 11,68,292 प्रतिभागी सफल घोषित किए गए। वर्ष 2022-23 में आयोजित परीक्षा में 1.46 लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया था, जबकि वर्ष 2025-26 की नवीनतम परीक्षा में 4.01 लाख से अधिक प्रतिभागियों की सहभागिता दर्ज की गई।
कार्यक्रम के तहत 15 वर्ष से अधिक आयु के असाक्षर लोगों की पहचान कर उन्हें वालंटियर्स से जोड़ा जाता है। प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स पहले वालंटियर्स को प्रशिक्षण देते हैं, इसके बाद वे ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से साक्षरता कक्षाएं संचालित करते हैं।
लाभार्थियों को पढ़ना, लिखना और गणना करना सिखाने के साथ दैनिक जीवन से जुड़ी जरूरी जानकारियां भी दी जाती हैं। इस वर्ष सभी जिलों को नए असाक्षरों की पहचान कर उन्हें साक्षर बनाने का लक्ष्य दिया गया है।
अभियान की नियमित निगरानी की जाएगी और भारत सरकार के निर्देशानुसार वर्ष में दो बार साक्षरता मूल्यांकन परीक्षा आयोजित कर नव साक्षरों की प्रगति का आकलन किया जाएगा।





