शायर का न कोई मजहब होता है और न ही कोई जाति:राज बब्बर

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मशहूर शायर अनवर जलपुरी को याद किया गया

लखनऊ।आज मशहूर शायर अनवर जलालपुरी के याद में लखनऊ के प्रेस क्लब में श्रद्धांजलि सभा कार्यक्रम रखा गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व एमएलसी और उत्तर प्रदेश कांग्रेस अल्पसंख्यक कमेटी के चेयरमैन सिराज अहमद कर रहे थे। कार्यक्रम में कांग्रेस पार्टी के उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष और अभिनेता राज बब्बर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए।

https://www.youtube.com/watch?v=A2vgG4beTdY

लोगों को सम्बोधित करते हुए राज बब्बर ने कहा कि एक शायर का न कोई मजहब होता है और न ही कोई जाति होती। उन्होंने बताया कि अनवर जलालपुरी एक बहुत ही महान व्यक्तित्व थे।राज बब्बर ने सरकार से मांग की उनकी याद में कोई विद्यालय, स्कूल, पार्क या लाइब्रेरी का निर्माण कराया जाए, और उनको पद्मश्री पुरस्कार से नवाजा जाये, ताकि उनको सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की जा सके। कार्यक्रम में अनेकों शायर और महान हस्तियां उपस्थित रहीं। लखनऊ, ईदगाह के इमाम ख़ालिद रशीद फरंगी महली ने बताया की हिंदुस्तान सभी का है और इसकी आज़ादी के लिए हिन्दू और मुसलमान दोनों ने अपना खून बहाया है। मुस्लिम समाज से भी अनेकों प्रतिभाएँ निकली हैं जो राष्ट्रपति तक के पद पर गए हैं। और उन्ही में से अनवर जलालपुरी भी थे, जो गीता और कुरान दोनों को पढ़ते, लिखते और सुनाते थे। मौलाना ने आगे कहा कि अनवर जलालपुरी के लिए न कोई शिया था, न कोई सुन्नी और ही कोई हिन्दू या मुसलमान था। वो सबको बराबर मानते थे। वो इस दुनिया से भले ही चले गए लेकिन हमारे दिलों में हमेशा ज़िंदा रहेंगे।


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