न्यायमूर्ति डी.पी.सिंह के अवकाश-ग्रहण से उत्पन्न शून्यता की भरपाई चुनौतीपूर्ण : विजय कुमार पाण्डेय

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न्यायमूर्ति डी.पी.सिंह के अवकाश-ग्रहण से उत्पन्न शून्यता की भरपाई चुनौतीपूर्ण : विजय कुमार पाण्डेय

सेना कोर्ट लखनऊ के न्यायमूर्ति डी.पी.सिंह का विदाई समारोह ए.ऍफ़.टी.बार एसोसिएशन ने मोहम्मद बाग क्लब लखनऊ में आयोजित किया जिसमे बार एवं अन्य बारों के अधिवक्ता सहित न्यायमूर्ति एस.वी.एस.राठोर, ले.जनरल ज्ञान भूषण, एयर मार्शल बी बी प्रसाद सिन्हा, संयुक्त रजिस्ट्रार सीमित कुमार और उप रजिस्ट्रार विंग कमांडर एस.एन.दिवेदी शामिल हुए l बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डा.चेत नारायण सिंह ने बार की तरफ से प्रतीक-चिन्ह देकर न्यायमूर्ति को सम्मानित किया l  

न्यायमूर्ति डी.पी.सिंह ने अपने विदाई समारोह के अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि सेना कोर्ट में कार्य करने दौरान मुझे उन सैनिकों के लिए कुछ करने का अवसर नियति ने प्रदान किया जो हमारे लिए अपनी जान कुर्बान करने को तत्पर रहते हैं, उन्होंने कहा कि सेना सीमा पर हमारे लिए अपनी जान कुर्बान करता है इसलिए हमारी जिम्मेदारी बनती है कि हम उनकी और उनके परिवार की समस्यायों का निस्तारण त्वरित गति से करें और अधिवक्ता समाज को भी उनके साथ सदाशयता पूर्वक लगकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए l उन्होंने कहा कि सेना के मूलभूत अधिकारों पर वहीँ तक रोंक लगानी चाहिए जहां तक संविधान ने लगा रखी है उसके आगे जाकर यदि कोई आदेश जारी किया जाता है तो हमारा कर्तव्य है कि उनकी रक्षा में अपने हाथ आगे बढ़ाकर उन्हें न्याय प्रदान करें l ए.ऍफ़.टी.बार एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी विजय कुमार पाण्डेय ने मीडिया को बताया कि न्यायमूर्ति डी.पी.सिंह 18 जनवरी को सेवानिवृत्त होंगे, उन्होंने  अपने निर्णयों एवं रचनात्मक कार्यों से बार और बेंच को जो ऊँचाई प्रदान की उसकी तुलना कर पाना मुश्किल है उन्होंने करीब चार हजार के ऊपर सेना के मामले अपने तीन वर्षों के कार्यकाल में निस्तारित ही नहीं किए बल्कि हजारों की तादात में लैंड-मार्क फैसले किए, जो एक मिसाल है बार को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करने में उनका बड़ा योगदान रहा, उनको निर्णयों के आलोक में भारी संख्या में हमारे सैनिक न्याय पाने के लिए सेना कोर्ट में आ रहें है, आज सम्पूर्ण भारत में सेना कोर्ट लखनऊ  यदि निर्णयों की गुणवत्ता और उनकी संख्या में अग्रणी है तो उसमें प्रमुख योगदान माननीय विभागाध्यक्ष का है, उनके अवकाश-ग्रहण के पश्चात् जो शून्यता उत्पन्न होगी उसकी भरपाई कर पाना चुनौतीपूर्ण कार्य होगा, उपाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने न्याय के प्रति उनकी निष्ठा और लगन को अविस्मर्णीय बताया, संयुक्त-महामंत्री पी.के.शुक्ला ने न्यायिक-जगत का अतुलनीय चरित्र,  वरिष्ठ अधिवक्ता और पूर्व महामंत्री डी.एस.तिवारी ने उनके कार्यकाल को स्वर्णकाल, पूर्व कोषाध्यक्ष आर.चन्द्रा ने उन्हें न्याय की प्रतिमूर्ति बताया, कार्यक्रम में विशाल भटनागर, कविता सिंह, पारिजात बेलोरा, कविता मिश्रा, विनय पाण्डेय, अनुराग मिश्रा, अमित जायसवाल, एल्डर कमेटी चेयरमैन वी पी एस वत्स, सदस्य वी पी पाण्डेय, एस.के.सिंह, आर डी सिंह, राकेश जौहरी, काके.के.शुक्ला, के.के.एस.बिष्ट, सुधीर कुमार, वी ए सिंह, अवधेश कुमार त्रिपाठी एवं दीप्ती प्रसाद बाजपेयी मौजूद थीं l

https://www.youtube.com/watch?v=0jenmcfZBdw&t=13s


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