BRIJENDRA BAHADUR MAURYA
आरएमपी चिकित्सा रजिस्ट्रेशन फिर से शुरू किए जाए : डॉ० मौर्य
प्राइवेट अनुभवी चिकित्सकों को चिकित्सा मित्र घोषित किया जाए

लखनऊ । प्राइवेट अनुभवी चिकित्सकों को मान्यता दिए जाने को लेकर अखिल भारतीय संयुक्त चिकित्सा मित्र मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को राजधानी में दारूलशफा स्थित ए ब्लाक कॉमन हॉल में बैठक का आयोजन किया। बैठक को सम्बोधित करते हुए प्रमुख महासचिव डॉ० ओ पी सिंह मौर्य ने कहा कि यूपी में प्राइवेट डॉक्टरों के बिना चिकित्सा सुविधाएं पूरी नहीं की जा सकती है। प्रदेश के सुदूर अन्चलों में चिकित्सा सेवा अपर्याप्त है जिन्हे केवल प्राइवेट चिकित्सक ही पूरा कर सकता है। प्राइवेट डॉक्टरों का दुख बयान करते हुए डॉ० मौर्य ने कहा कि सेवाभाव से कार्य करने के बाद भी हमे झोलाछाप जैसे अपमानजनक शब्दों से सम्बोधित कर मानसिक रूप से पीड़ित किया जाता है। प्रदेश सरकार से मांग करते हुए कहा कि जो प्राइवेट डॉक्टर 5 से 10 वर्षो तक प्रैक्टिस के आधार पर सेवा कर रहे है उन्हे अनुमति प्रदान कर प्रशिक्षण दे और मान्यता प्रदान करे जिससे कि हम लोग सम्मानजनक जीवन यापन कर सके। उन्होनें बैठक में आए प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि आयुर्वेद रत्न वैद्य विशारद इलेक्ट्रो होम्योपैथिक पद्धति से चिकित्सा करने वाले डॉक्टरों को मान्यता प्रदान की जाए जिससे कि प्रदेश में अपर्याप्त चिकित्सा सेवाओं को पूरा किया जा सके। डॉ० ओ पी सिंह मौर्य ने कहा कि प्रदेश में सन् 1967 से बन्द आरएमपी रजिस्ट्रेशन फिर से शुरू किए जाए और प्रदेश के लगभग 20 लाख अपंजीकृत चिकित्सकों को एजूकेशन तथा सरकारी मेडिकल ट्रेनिंग के आधार पर चिकित्सा मित्र घोषित किया जाए। मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने की बात करते हुए वरीष्ठ उपाध्यक्ष डॉ० डी के गुप्ता ने कहा कि यदि सरकार हमे अप्रशिक्षित मानती है तो हमें सरकारी अस्पतालों में प्रशिक्षित कर मान्यता क्यों नहीं प्रदान करने का काम करती है।






