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कांचा इलैया को मिली धमकी के विरोध में समस्त लेखकों ने किया प्रदर्शन
हैदराबाद विश्वविद्यालय के प्रोफेसर ,दलित लेखक व चिंतक कांचा इलैया को दी जा रही धमकियों के खिलाफ जनसंगठनों, लेखकों, साहित्यकारों व बुध्दिजीवियों ने मिलकर विरोध प्रदर्शन किया जिसके फलस्वरूप प्रदर्शन में प्रमुख रुप से प्रसिद्ध आलोचक वीरेन्द्र यादव और लखनऊ विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति प्रो रुपरेखा वर्मा भी मौजूद रही |

लखनऊ के गांधी प्रतिमा पर दलित लेखक व चिंतक कांचा इलैया को दी जा रही धमनियों के विरोध में समस्त दलित चिंतक व साहित्यकारों ने मिलकर विरोध प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने संयुक्त स्वर में कहा कि दलित लेखक इलैया को हिंदूवादी और जातिवादी ताकतों द्वारा लगातार धमकी दिया जाना और तेलंगाना सरकार द्वारा कोई कार्रवाई न करना बहुत ही दुर्भाग्य पूर्ण है।
आगे बताया कि इन धमनियों की वजह से इलैया पिछले एक हफ्ते से अपने को हैदराबाद के अपने घर में बंद कर रखा है।
यह धमकी इलैया की किताब पोस्ट हिंदू इंडिया के एक अध्याय पर आर्य वैश्य समुदाय की आहत भावनायें है जिसके विरोध में सासंद टीजी वेंकटेश ने एक प्रेस वार्ता के जरिए इलैया को चौराहे पर फांसी देने की बता कही।
आगे समस्त जनवादी लेखकों ने मांग करते हुए बताया कि सरकार जनवादी लेखक संघ इलैया की अभिव्यक्ति की आजादी के पछ में खड़ा है और यह मांग करता है कि सरकारी एजेंसियों द्वारा इलैया को सुरक्षा और उनके लिखने बोलने की आजादी की सुरक्षा और धमकियां देने वालों पर उचित कार्रवाई की जाए।
सतीश संगम की रिपोर्ट———————–
https://www.youtube.com/watch?v=5_-byR-rYEE





