
विवाह कराने की जिम्मेदारी डीएम के जिम्मे: मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के पहले चरण में 71400 लड़कियों की शादी कराएगी. पांच से अधिक विवाह होने पर यह समारोह क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत, नगर निगम और नगरपालिका परिषद के स्तर पर आयोजित किया जाएगा. जिलाधिकारी एक विवाह कार्यक्रम समिति का गठन करेंगे.
नकदी के साथ बर्तन और कपड़े भी मिलेंगे: समिति ही टेंट, विवाह संस्कार, पेयजल आदि की व्यवस्था कराएगी. पहले जहां इस योजना के तहत लाभार्थी को 20 हजार रुपये का अनुदान दिया जाता था, वहीं अब सरकार 35 हजार रुपये खर्च करेगी. इसमें बीस हजार कन्या के खाते में, दस हजार से कपड़े, बिछिया, पायल, सात बर्तन, एक जोड़ी वस्त्र और स्मार्ट फोन खरीदा जाएगा. पांच हजार रुपये पंडाल आदि आदि के लिए अधिकृत निकायों को दिया जाएगा.
योजना का लाभ 15 फीसदी अल्पसंख्यकों को भी: समारोह में सामान्य व्यक्ति व संस्थाएं भी उपहार दे सकेंगी. यदि कोई ऐसा करना चाहेगा तो पहले इसकी सूचना देनी होगी. साथ ही उपहार देने वाले का नाम, संख्या और अनुमानित मूल्य सूची बद्ध करके सूचना पटल पर प्रदर्शित भी करना होगा. इस योजना में अनसूचित जाति-जनजाति 30 प्रतिशत, अन्य पिछड़ा वर्ग 35, सामान्य वर्ग 20 और अल्पसंख्यक वर्ग की 15 प्रतिशत भागीदारी होगी.
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