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यूपी कल्याण परिषद के विश्वकर्मा दिवस समागम में समाज सेवक धर्मवीर बग्गा को “फख्र-ए-हिंदुस्तान’ अवार्ड
अम्बेडकरनगर।उत्तर प्रदेश कल्याण परिषद ने अपने 37वें सालाना समागम के तहत फोकल प्वाइंट इलाके में शुक्रवार को विश्वकर्मा दिवस का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया। इस मौके पर भोजपुरी के लोग गायकों ने अपने गीतों से समां बाधा। समागम में पहुंचे विभिन्न नेताओं ने प्रवासी भाईचारे को दरपेश आती मुश्किलों के हल करने का भरोसा भी दिया। समागम में उत्तर प्रदेश के प्रमुख समाज सेवी धर्मवीर सिंह बग्गा को उनकी सेवाओं के लिए “फख्र-ए-हिंदुस्तान’ अवार्ड से नवाजा गया।

परिषद के प्रधान डॉ. जेपी सिंह के दिशानिर्देश तथा महासचिव शंकर उपाध्याय, प्रवक्ता राम भवन गोस्वामी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुग्रीव सिंह तथा उपाध्यक्ष सुखदेव पाल व उनकी टीम की पहल पर आयोजित इस समागम में प्रवासी भाईचारे के लोग हजारों की तादाद में शामिल हुए और गीत-संगीत का आनंद लिया। समागम में बतौर मुख्य मेहमान शामिल हुए विधायक ओम प्रकाश सोनी को डॉ. जेपी सिंह ने मांग पत्र भी सौंपा, सोनी ने उनको पहल के आधार पर पूरा करने की बात कही। महासचिव शंकर उपाध्याय की मांग पर परिषद के पूर्व पदाधिकारी द्वारा कथित रूप से पद और धन के दुरुपयोग की मांग उठाई और सोनी ने उसकी जांच कराने की भी बात कही।

इसके बाद बग्गा को उपरोक्त सम्मान से नवाजते हुए सोनी ने कहा कि इनके जैसे लोगों के दम पर ही दुनिया टिकी हुई है। ऐसे लोगों से प्रेरणा लेते हुए समाज के हरेक वर्ग को गरीब और जरूरतमंद लोगों की मदद को आगे आना चाहिए। समागम में पहुंचे सांसद गुरजीत सिंह औजला, विधायक डॉ. राजकुमार वेरका तथा सुनील दत्ती ने बग्गा की सेवाओं को सराहा और परिषद को हर संभव मदद का भरोसा दिया। डा. जेपी सिंह ने कहा कि बग्गा को सम्मानित करके वह और उनकी टीम खुद को गौरवान्वित महसूस कर रही है। उनका कहना है कि हमारे लिए फख्र्र की बात है कि उन्होंने इस समागम में आकर इसकी शोभा बढ़ाई।
बग्गा ने परिषद की तरफ से मिले मान पर बड़े ही मार्मिक भाव में कहा कि वह इन लोगों के कर्जदार हैं। उनका कहना है कि उनके पूर्वज देश के बंटवारे के दौरान पाकिस्तान से उजड़ कर आए थे। सारा परिवार मारा गया था सिर्फ उनके दादा, दादी बचे थे। दादी ने यहां दरबार साहिब में परिवार की खुशहाली के लिए मन्नत मांगी थी कि आगे भविष्य अच्छा रहा तो वह अपने बच्चों को सिख सजाएंगी और उसी के तहत उनका परिवार आज सिख है और जरूरतमंदों की सेवा कर रहा है। उनका कहना है कि यूपी के बाद अगले साल इस समागम से पहले वह परिषद की मदद से यहां पर बेटियों की शादी अपने दम पर करवाएंगे।
बग्गा के बारे में बताते चलें कि यूपी के अम्बेडकरनगर जिले के टांडा तहसील में बसा उनका परिवार कारोबार से जुड़ा है लेकिन हर साल वह 500-600 गरीब परिवारों की लड़कियों की शादी करते हैं। लावारिश लाशों का संस्कार अपने प्रियजन की तरह करते हैं। इसी तरह से हर नवरात्र समेत अन्य हिंदू पर्वों पर लंगर, ईद पर मुसलमानों के लिए लंगर के अलावा रोजाना 1000-2000 के लिए नियमित लंगर की व्यवस्था करते हैं।
https://www.youtube.com/watch?v=Ai63RihKTIE&t=2s
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