किन्नर हत्या कांड मे युवक से पूछताछ के दौरान युवक की पुलिस ने की पिटाई मौत परिजनों ने शव रख कर हाईवे पर किया प्रदर्शन
मोहनलालगंज। पीजीआई के डूडा कालोनी में रहने वाले युवक जियाउल कमर उर्फ कमरुल 24 वर्ष की गुरुवार देर रात,अस्पताल ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई,परिजनों ने चंचल किन्नर हत्याकांड में शक के आधार पर हिरासत में लिए गए,कमरुल की मौत के लिए आशियाना पुलिस द्वारा थर्ड डिग्री टार्चर को जिम्मेदार ठहराते हुए, जमकर हंगामा काटा, और शुक्रवार सुबह करीब सवा नौ बजे से शव को रायबरेली रोड पर रख कर जाम लगा दिया,जो बारह बजे तक जारी रहा,इस दौरान यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा,सूचना पर दलबल के साथ मौके पर पहुंचे एसएसपी दीपक कुमार ने पीड़ित परिजनों को समझा बुझाकर, शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, और जाम खुलवाया।मृतक के पिता मोहम्मद सईद ने एसएचओ आशियाना, व एसआई अबुतालिब जैदी ,के खिलाफ नामजद तहरीर दी,तहरीर के आधार पर पीजीआई कोतवाली में एसएचओ आशियाना,सब इंस्पेक्टर अबुतालिब जैदी व कुछ अज्ञात पुलिस कर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।मोहम्मद सईद, पत्नी हसमतुल,पाँच बेटों, जियाउल कमर उर्फ कमरुल,जियाउल लुकमान,जियाउल हुसैन उर्फ भूरा,अली अकबर व दो बेटियों के साथ 4/7डूडा कालोनी, हैवत मऊ मवैया,पीजीआई में रहते हैं, मृतक कमरुल मवैया स्थित एक पोल्ट्री फार्म में काम करता था।वही उसके पिता मोहम्मद सईद, बकरे खरीदने बेचने का काम करते हैं।

यह है घटना क्रम
मोहम्मद सईद ने बताया कि 23अप्रैल की शाम को आशियाना थाने के सब इंस्पेक्टर अबुतालिब जैदी,अपने हमराही सिपाहियों के साथ आये,उन्होंने कहा कि आप के दो बेटे कमरुल और भूरा से किन्नर चंचल की हत्या से सम्बंधित जानकारी करनी है, सईद का कहना था की वह दोनों घर पर नहीं थे,24 अप्रैल को सईद दोनों बेटों को इब्राहिम पुर वार्ड के पार्षद रमेश कुमार रावत के साथ लेकर आशियाना थाने में सौंप आये।लेकिन पुलिस ने उन्हें शाम तक नहीं छोड़ा जब जानकारी प्राप्त करने की कोशिश की तो धमका कर भगा दिया।आरोप है कि साधारण जानकारी लेने के नाम पर दोनों भाइयों को ले गयी पुलिस ने उन्हें लगातार टार्चर किया,और कुछ न हासिल होने पर 27 अप्रैल की रात 10 बजे छोड़ा,और मुँह बन्द रखने की धमकी दी।मोहम्मद सईद व उसके बेटे भूरा ने बताया कि पूंछतांछ में बार बार हत्या करने की बात मानने को कहा गया, जब झूठी कहानी नहीं बनी तो गुदा में पेट्रोल डाला गया, करेंट लगाया,और लगातार पीटते रहे, कभी जंगल में ले जाते, कभी थाने के बाहर अंधेरी कोठरी में पीटती थे। हिरासत से लौटे भाई भूरा ने बताया कि ऐसा कोई दुश्मन के साथ भी नहीं करता जो यातनाएं अपनी लखनऊ पुलिस ने दी।

परिजनों का रोरोकर बुरा हाल
ढाई घंटे तक रायबरेली रोड पर शव रख कर जाम के समय मृतक की माँ व दोनों बहनों की चीखों से माहौल गमगीन बना रहा, वह लगातार आरोपी पुलिस कर्मियों को सामने लाये जाने की बात करती रही ,और वह कई बार बेहोश हो गई।पीड़ित परिवार के समर्थन में धरने पर पहुंची समाजसेवी शाइस्ता अम्बर ने पुलिसिया अत्याचार की भर्त्सना की,कहा चंचल के कातिल को पकड़ने में नाकाम पुलिस ने एक और बेगुनाह की जान ले ली,उन्होंने आरोपी पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार करने को लेकर परिजनों का समर्थन किया।
एसएसपी ने कहा, क्यों नहीं दी स्थानीय पुलिस को सूचना
वहीं एसएसपी दीपक कुमार ने स्थानीय पार्षद,समाजसेवी,और परिजनों से पूंछा कि अगर आशियाना पुलिस ने आपके बच्चों के साथ ज्यादती की थी,तो आपने स्थानीय पीजीआई पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी,अगर आपको लगता था कि, थाने पर सुनवाई नहीं होगी तो आपको मुझे सूचना देनी चाहिए थी,और पीड़ित युवक का ट्रामा सेंटर में इलाज हो जाता,आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाती।
घर पर चल रहा था इलाज
मृतक जियाउल कमर का इलाज घर पर ही चल रहा था, जब उनसे पूछा गया कि जब तकलीफ ज्यादा थी
तो उसे ट्रामा सेंटर लेकर जाना चाहिए था, उनका जबाब था कि कल्ली पश्चिम स्थित एक अस्पताल का एक डॉक्टर इलाज कर रहा था।और पुलिस ने धमकी भी दी थी कि कहीं शिकायत की तो पूरे घर को जेल भेज दूँगा।इस लिये किसी सरकारी अस्पताल नहीं लेकर जाया गया।इस मामले पर एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि, परिजनों की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर दिया गया है, शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है, उसकी भी वीडियो ग्राफी की जाएगी,रिपोर्ट्स के आधार पर जो कोई भी दोषी होगा सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शासन की तरफ से जो कुछ सम्भव होगा आर्थिक सहायता की जाएगी।

मुकेश द्विवेदी की रिपोर्ट
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