Tuesday, February 17, 2026
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मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों के लिए पर्यावरण,सामाजिक और शासन (ईएसजी)पर हुई कार्यशाला

इटावा। यू पी एस आई सी,यूपीकॉन एवं जिला उद्योग केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ई एस जी कार्यशाला में उद्यमियों को दी गई मैन्युफैक्चरिंग यूनिटको अपग्रेड,स्केल अप और डिजिटाइजेशन करने एवं सरकारी योजनाओं की सम्पूर्ण जानकारी।

जनपद इटावा मे यूपी एस आई सी, यूपीकॉन एवं जिला उद्योग केंद्र द्वारा शुक्रवार को जनपद के नारायन कॉलेज ऑफ़ साइंस एण्ड आटर्स में पर्यावरण, सामाजिक और शासन(ईएसजी)विषय पर महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया।कार्यशाला में रेसिंग एंड अक्सिलेरेटिंग एम०एस०एम०ई० परफॉरमेंस(रॅप)की जानकारी प्रदान करते हुए बताया गया कि यह योजना विश्वबैंक द्वारा सहायता प्राप्त कार्यक्रम है जिसका मुख्य उद्देश्य भारत मे सूक्ष्म,लघु और मध्यम उद्यमों(एम०एस०एम०ई०) के प्रदर्शन में सुधार करना है।

यह योजना माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा अनुमोदित एवं सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय,भारत सरकार द्वारा कार्यान्वित है।रैंप योजना के कई अन्य उद्देश्य हैं,जिनमें एम०एस०एम०ई० के लिए बाजार और ऋण उपलब्धता में सहायता,केंद्रीय और राज्य स्तर पर संस्थानों और शासन को मजबूत करना, केंद्र-राज्य संबंधों और साझेदारी में सुधार,विलंबित भुगतान के मुद्दों का समाधान इत्यादि शामिल हैं।

रैंप योजनान्तर्गत ही पर्यावरण, सामाजिकऔर शासन(ईएसजी)के बारे में बताते हुए मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को अपग्रेड,स्केल अप और डिजिटाइजेशन करने एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर जागरूक किया गया। इसके अतिरिक्त एम एस एम ई पॉलिसी 2022,प्लेजपार्क,टेक्निकल अपग्रेडेशन एवं जेड पर भी विनिर्माण उद्योगों को जानकारी प्रदान की जायेगी।

इस दौरान यूपीकॉन के ट्रेनर/एक्सपर्ट नीरज यादव ने कहा कि यह योजना आधुनिकीकरण को देखते हुए उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।यह योजना न केवल युवाओं को उनके व्यवसायिक सपनों को साकार करने में मदद कर रहा है अपितु राज्यों के छोटे व्यवसायों और उद्यमशीलता को भी बढ़ावा दे रहा है।उन्होंने कहा कि कार्यशाला एम एस एम ई को उनके उत्पाद और प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने, जिला स्तर से अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने और सतत विकास प्राप्त करने में मदद करेगी।ट्रेनर/एक्सपर्ट नीरज यादव ने यूपी एम एस एम ई पॉलिसी-2022 में मिलने वाले लाभों के प्रावधानों पर विस्तृत रुप से चर्चा करते हुए निर्यात कों एवं मैन्युफैक्वरिंग उद्यमियो को इसके संबंध में जानकारी दी गई।

वहीं वैश्विक स्तर पर अपनाई जाने वाली पर्यावरण, सामाजिक और शासन(ईएसजी)प्रथाओं का उद्योग में महत्व पर प्रकाश डाला। साथ ही जीरोडिफेक्ट और जीरोडिफेक्ट (जेड)प्रमाणन के माध्यम से उद्योग में कम लागत पर अधिकतम उत्पादन की प्रक्रिया की जानकारी भी दी गई। तदोपरांत तकनीकी उन्नयन और प्लेजपार्क से संबंधित जानकारी प्रदान करते हुए उपलब्ध वित्तीय सहायता की जानकारी दी।मुख्य अतिथि के रूप मे उपस्थित प्रतिमा शंकर दीक्षित रिटायर्ड मैनेजर स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया ने एम एस एम ई विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकार की प्रमुख लाभकारी योजनाओं के बारे में बताया।कार्यशाला में ई एस जी सर्टिफिकेट का भी वितरण किया गया।

इस मौके पर विशिष्ठ अतिथि के रूप में आलोक दीक्षित अध्यक्ष उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मण्डल उत्तर प्रदेश,यूपीकान कोर्डीनेटर प्रवल गुप्ता सर,योगेश कुमार प्राचार्य हायर एजुकेशन,अभिषेक तिवारी प्राचार्य नारायन कॉलेज ऑफ़ फॉर्मेसी, योगी राज पुरवार तथा उद्योग संगठनों के वरिष्ठ पदाधिकारी गण एवं अधिक संख्या में उद्यमीगण उपस्थित रहे।

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