अनुराग कश्यप ने अपनी बेबाकी और फिल्मों की तारीफ करने की आदत पर बात की है। उन्होंने बताया कि जब उन्हें कोई फिल्म पसंद आती है तो वे खुलकर उसकी प्रशंसा करते हैं, भले ही दूसरे उनकी फिल्मों की तारीफ न करें।
अनुराग कश्यप (Anurag Kashyap) को बॉलीवुड में अपनी बेबाकी से राय रखने के लिए जाना जाता है। एक्टर किसी भी मामले में बोलने से बिल्कुल नहीं हिचकिचाते, फिर चाहें वो किसी फिल्म की तारीफ करना हो या फिर बुराई। अनुराग इस मामले में बहुत ओपन हैं।
उन्होंने रणबीर कपूर की एनिमल (Animal) की जमकर तारीफ की थी और ठीक वैसे ही रणवीर सिंह की धुरंधर (Dhurandhar) के लिए भी तारीफों के पुल बांधे। अब हाल ही में निर्देशक ने इस बात पर चुप्पी तोड़ी कि इंडस्ट्री में उन्हें वैसा ही सम्मान क्यों नहीं मिलता?
मैं कह देता हूं – अनुराग
अनुराग कश्यप ने ज़ूम से बातचीत में बताया कि इंडस्ट्री दूसरों के काम की तारीफ करने से पहले दो बार क्यों सोचती है। उन्होंने कहा, “बहुत से लोग मुझसे कहते हैं कि आप इतनी फिल्मों की तारीफ करते हैं, लेकिन कोई आपकी फिल्म की तारीफ नहीं करता। बात ये है कि मुझे फिल्में बहुत पसंद हैं। इसलिए, जब मुझे कुछ पसंद आता है, तो मैं कह देता हूं। कोई नहीं बोलता, मैं क्या करूं? बंदूक की नोक पर तो कोई ऐसा नहीं कर सकता।”
उन्होंने आगे कहा, “इंडस्ट्री का अभी यही हाल है, जब कोई चीज सफल हो जाती है, तो हर कोई उसकी तारीफ करता है।”
धुरंधर 2 पर क्या बोले थे अनुराग?
अनुराग कश्यप ने लेटरबॉक्सड पर धुरंधर का एक लंबा-चौड़ा रिव्यू लिखा। उनके अनुसार, धुरंधर का सार बिल्कुल सटीक बैठता है। उन्होंने लिखा, “एक जासूस तब तक जासूस नहीं हो सकता जब तक उसके मन में शत्रु देश के प्रति घृणा और आक्रोश न हो। इसी प्रकार, एक सैनिक तब तक सैनिक नहीं हो सकता जब तक उसके मन में शत्रु देश के प्रति आक्रोश न हो। इन दोनों बातों पर मुझे कोई आपत्ति नहीं है।”
वहीं वर्कफ्रंट की बात करें तो अनुराग कश्यप हाल ही में फिल्म डकैत: एक प्रेम कथा में एक्टिंग करते नजर आए। इस मूवी में उनके साथ मृणाल ठाकुर और अदिवी शेष नजर आए थे।





