होली के रंगों के कारण कुछ लोगों को स्किन इन्फेक्शन या कलर से रिएक्शन की समस्या हो सकती है, जिसके लिए डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
होली के रंग खेलने के बाद त्वचा पर हल्की जलन, खुजली, लालपन या रैशेज होना एक आम समस्या है। ज्यादातर मामलों में यह परेशानी रंगों में मौजूद केमिकल और इरिटेंट्स के कारण होती है। हालांकि, आमतौर पर ये समस्याएं एक-दो दिन में खुद ही ठीक हो जाती हैं, बेशर्ते आप स्किन को ज्यादा रगड़े न या केमिकल प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल न करें।
लेकिन कुछ मामलों में रंगों के कारण गंभीर स्किन इन्फेक्शन हो सकता है, जिसे मामूली खुजली या रैश समझना भारी पड़ सकता है। डॉ. चांदनी जैन गुप्ता (MBBS, MD, Dermatologist & Aesthetic Physician, Elantis Healthcare, New Delhi) बताती हैं कि हल्की परेशानी सामान्य है, लेकिन कुछ लक्षण ऐसे होते हैं जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। आइए जानें कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी है।
कब करना चाहिए डॉक्टर से संपर्क?
अगर होली के बाद त्वचा में खुजली या जलन बहुत ज्यादा बढ़ जाए और सहन करना मुश्किल हो जाए, तो यह किसी एलर्जिक रिएक्शन का संकेत हो सकता है। ऐसे में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इसके अलावा अगर रैशेज तेजी से फैलने लगें, त्वचा पर छाले बन जाएं या उनमें से पानी निकलने लगे, तो यह त्वचा की गंभीर एलर्जी या इन्फेक्शन का संकेत हो सकता है।

एलर्जीक रिएक्शन के संकेत
आंखों, होंठों या चेहरे के आसपास सूजन आना भी चिंता की बात हो सकती है। अगर सूजन के साथ सांस लेने में परेशानी हो, तो तुरंत मेडिकल मदद लेनी चाहिए क्योंकि यह गंभीर एलर्जिक रिएक्शन का संकेत हो सकता है।
इन्फेक्शन को न करें इग्नोर
अगर त्वचा में बहुत ज्यादा दर्द हो, काले धब्बे पड़ने लगें या प्रभावित जगह पर पस, बुखार या गर्माहट महसूस हो, तो यह इन्फेक्शन का संकेत हो सकता है। ऐसे मामलों में घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
किन्हें रहना चाहिए ज्यादा सावधान?
डॉ. चांदनी बताती हैं कि जिन लोगों को पहले से एक्जिमा, सोरायसिस की समस्या या सेंसिटिव स्किन है, उन्हें होली के बाद स्किन रिएक्शन होने पर ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए। अगर ऐसे लोगों में लक्षण बढ़ने लगें तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
इसके अलावा अगर घरेलू देखभाल के बावजूद त्वचा की समस्या 3 से 4 दिनों में ठीक नहीं होती, तो डॉक्टर को दिखाना बेहतर होता है। सही समय पर इलाज शुरू करने से त्वचा जल्दी ठीक होती है और गंभीर परेशानियों से बचा जा सकता है।
सही देखभाल है जरूरी
होली के बाद त्वचा की सही देखभाल और समय पर उपचार बेहद जरूरी है। इसलिए अगर लक्षण सामान्य से ज्यादा दिखाई दें, तो देर किए बिना डॉक्टर से सलाह लेना ही सबसे सेफ ऑप्शन है।





